{"_id":"5af47cf54f1c1bb56a8b8b95","slug":"111525972213-haridwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अवैध लंगरों को चलते नहीं सुधर सकती स्थिति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अवैध लंगरों को चलते नहीं सुधर सकती स्थिति
Updated Thu, 10 May 2018 10:40 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
हरकी पैड़ी क्षेत्र को साफ-सुथरा रखने तथा व्यवस्था सुधारने के प्रयास सफल नहीं हो पा रहे हैं। जिलाधिकारी ने शुक्रवार रात में भी छापेमारी कर जरूरी निर्देश भी दिए, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है।
हरकी पैड़ी क्षेत्र में अवैध लंगरों की आड़ में कई प्रकार के गोरखधंधे फल-फूल रहे हैं। खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू होने के बाद भी बिना लाइसेंस के लंगर चल रहे हैं। भिखारी बनकर गंगाघाटों पर बड़े स्तर पर नशे का कारोबार किया जा रहा है। हरकी पैड़ी से लगे कांगड़ा घाट नशे के कारोबार का बड़ा अड्डा बन गया है। कांगड़ा घाट बनने के बाद बायलॉज के खिलाफ गंगाघाट की ओर होटल ढाबे खोल दिए गए हैं और सरकारी मेला भूमि भी कब्जाई जा रही है। हरकी पैड़ी क्षेत्र को चौपाटी बनाने के विरुद्ध जिलाधिकारी ने कार्रवाई करने का संकेत दिया है। अब नगर निगम के प्रशासक के तौर पर वह क्षेत्र की पवित्रता बनाए रखने के लिए बायलॉज लागू करा सकते हैं। डीएम के प्रशासक बनने से इसकी लोग उम्मीद करने लगे हैं। जिलाधिकारी दीपक रावत ने कहा कि व्यवस्थाओं को पटरी पर लाने के लिए हरसंभव कदम उठाए जाएंगे।
हरिद्वार।
हरकी पैड़ी क्षेत्र को साफ-सुथरा रखने तथा व्यवस्था सुधारने के प्रयास सफल नहीं हो पा रहे हैं। जिलाधिकारी ने शुक्रवार रात में भी छापेमारी कर जरूरी निर्देश भी दिए, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है।
हरकी पैड़ी क्षेत्र में अवैध लंगरों की आड़ में कई प्रकार के गोरखधंधे फल-फूल रहे हैं। खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू होने के बाद भी बिना लाइसेंस के लंगर चल रहे हैं। भिखारी बनकर गंगाघाटों पर बड़े स्तर पर नशे का कारोबार किया जा रहा है। हरकी पैड़ी से लगे कांगड़ा घाट नशे के कारोबार का बड़ा अड्डा बन गया है। कांगड़ा घाट बनने के बाद बायलॉज के खिलाफ गंगाघाट की ओर होटल ढाबे खोल दिए गए हैं और सरकारी मेला भूमि भी कब्जाई जा रही है। हरकी पैड़ी क्षेत्र को चौपाटी बनाने के विरुद्ध जिलाधिकारी ने कार्रवाई करने का संकेत दिया है। अब नगर निगम के प्रशासक के तौर पर वह क्षेत्र की पवित्रता बनाए रखने के लिए बायलॉज लागू करा सकते हैं। डीएम के प्रशासक बनने से इसकी लोग उम्मीद करने लगे हैं। जिलाधिकारी दीपक रावत ने कहा कि व्यवस्थाओं को पटरी पर लाने के लिए हरसंभव कदम उठाए जाएंगे।
विज्ञापन