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फिल्मों से वन्य जीवों के प्रति किया जा रहा जागरूक
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ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
हरिद्वार वन प्रभाग की रसियाबढ़ यूनिट में पर्यावरण संरक्षण के प्रति भावी पीढ़ी को जागरूक करने की मुहिम चल रही है। इसके अंतर्गत इंटरप्रिटेशन सेंटर में ग्रामीण बच्चों और शिक्षण संस्थानों के छात्र-छात्राओं को वन पर आधारित फिल्में दिखाकर वन और वन्यजीवों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। साथ ही झिलमिल झील कंजर्वेशन रिजर्व के बारे में भी जानकारी दी जा रही है।
हरिद्वार वन प्रभाग की रसिसाबढ़ यूनिट में वर्ष 2006-07 में इंटरप्रिटेशन सेंटर का निर्माण किया गया था। वर्ष 2018 में नमामि गंगे परियोजना से लगभग 4 लाख रुपये की लागत से इंटरप्रिटेशन सेंटर का सौंदर्यीकरण कराया गया और अब यहां स्थानीय ग्रामीणों तथा भारतीय वन्यजीव संस्थान आदि से आने वाले छात्र-छात्राओं को वन पर आधारित फिल्में दिखाई जाती है। सेंटर का मुख्य उद्देश्य सूचना, शिक्षा और संचार के माध्यम से स्थानीय लोगों तथा देश की भावी पीढ़ी को वन से जोड़ना है ताकि सेंटर पर फिल्म के माध्यम से पर्यावरण और वन की सूचना की युवाओं को देकर शिक्षित किया जा सके। यूनिट प्रभारी प्रदीप उनियाल ने बताया कि नमामि गंगे परियोजना के अंतर्गत सेंटर का सौंदर्यीकरण कराया गया था। साथ ही ईको विकास समिति की ओर से ग्रामीणों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पहले सेंटर काफी खराब हालत में था, लेकिन अब विभाग की ओर से नियमित रूप से सेंटर की देखरेख की जाती है। विभाग के पास इंडोर और आउटडोर दोनों में ही फिल्म दिखाने की व्यवस्था है। यहां आने वाले विद्यार्थियों तथा ग्रामीणों को झिलमिल झील कंजर्वेशन रिजर्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाती है।
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हरिद्वार वन प्रभाग की रसियाबढ़ यूनिट में पर्यावरण संरक्षण के प्रति भावी पीढ़ी को जागरूक करने की मुहिम चल रही है। इसके अंतर्गत इंटरप्रिटेशन सेंटर में ग्रामीण बच्चों और शिक्षण संस्थानों के छात्र-छात्राओं को वन पर आधारित फिल्में दिखाकर वन और वन्यजीवों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। साथ ही झिलमिल झील कंजर्वेशन रिजर्व के बारे में भी जानकारी दी जा रही है।
हरिद्वार वन प्रभाग की रसिसाबढ़ यूनिट में वर्ष 2006-07 में इंटरप्रिटेशन सेंटर का निर्माण किया गया था। वर्ष 2018 में नमामि गंगे परियोजना से लगभग 4 लाख रुपये की लागत से इंटरप्रिटेशन सेंटर का सौंदर्यीकरण कराया गया और अब यहां स्थानीय ग्रामीणों तथा भारतीय वन्यजीव संस्थान आदि से आने वाले छात्र-छात्राओं को वन पर आधारित फिल्में दिखाई जाती है। सेंटर का मुख्य उद्देश्य सूचना, शिक्षा और संचार के माध्यम से स्थानीय लोगों तथा देश की भावी पीढ़ी को वन से जोड़ना है ताकि सेंटर पर फिल्म के माध्यम से पर्यावरण और वन की सूचना की युवाओं को देकर शिक्षित किया जा सके। यूनिट प्रभारी प्रदीप उनियाल ने बताया कि नमामि गंगे परियोजना के अंतर्गत सेंटर का सौंदर्यीकरण कराया गया था। साथ ही ईको विकास समिति की ओर से ग्रामीणों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पहले सेंटर काफी खराब हालत में था, लेकिन अब विभाग की ओर से नियमित रूप से सेंटर की देखरेख की जाती है। विभाग के पास इंडोर और आउटडोर दोनों में ही फिल्म दिखाने की व्यवस्था है। यहां आने वाले विद्यार्थियों तथा ग्रामीणों को झिलमिल झील कंजर्वेशन रिजर्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाती है।
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