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अर्द्धविक्षिप्त युवती से दुष्कर्म के दोषी को 10 वर्ष की कैद

Wed, 08 Jun 2022 01:03 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Wed, 08 Jun 2022 01:03 AM IST
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10 years imprisonment for raping a mentally challenged girl
मानसिक रूप से कमजोर युवती से दुष्कर्म करने के मामले में एडीजे/एफटीएससी न्यायाधीश कुमारी कुसुम शानी ने आरोपी युवक को दोषी पाते हुए 10 वर्ष कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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शासकीय अधिवक्ता भूपेंद्र कुमार चौहान ने बताया कि 24 मई 2019 को ज्वालापुर क्षेत्र में रास्ते से बुलाकर अपने घर पर ले जाकर मानसिक रूप से कमजोर युवती के साथ दुष्कर्म किया गया था। घटना के बाद पीड़ित युवती रोते हुए घर पहुंची थी। पीड़िता ने दादी को इशारों से घटना के बारे में बताया था, जिसके बाद पुलिस ने पीड़िता के चाचा की शिकायत पर बबलू निवासी अहबाब नगर कोतवाली ज्वालापुर के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किए थे। सुनवाई के दौरान शासकीय अधिवक्ता ने सरकार की ओर से आठ गवाह पेश किए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपी बबलू को सजा सुनाई। जुर्माना राशि में से 40 हजार रुपये पीड़िता को बतौर प्रतिकर राशि देने के आदेश दिए हैं।
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विवेचना अधिकारी की मिली लापरवाही
न्यायालय ने सुनवाई के दौरान इस मामले की जांच में विवेचना अधिकारी की लापरवाही पाई है। पीड़िता मानसिक रूप से कमजोर थी। निष्पक्ष जांच के लिए अभियुक्त का ब्लड सैंपल व पीड़िता का ब्लड सैंपल लिया जाना जरूरी था। लेकिन आरोपी के ब्लड सैंपल देने से इंकार करने पर विवेचक ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसकी कोई वजह पत्रावली विवेचना में दाखिल भी नहीं की। न्यायाधीश ने कहा कि जघन्य अपराध की गहराई में जाने के लिए प्रयास लक्षित होना चाहिए। इससे संबंधित विवेचक की लापरवाही दर्शाती है। निर्णय की एक प्रति एसएसपी हरिद्वार को भेजने के निर्देश दिए हैं।
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प्रतिकर राशि दिलाने के दिए निर्देश
एफटीएससी कोर्ट ने जुर्माना राशि में से 40 हजार रुपये पीड़िता को बतौर प्रतिकर राशि दिलाने के लिए फैसले की एक प्रति जिला विधिक सेवा प्राधिकरण व निर्भया प्रकोष्ठ को भेजी।
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