उत्तराखंड में आग बुझाने को लगाए गए और 4000 कर्मी
- -अब तक कुल कर्मचारियों की संख्या बढ़कर हुई दस हजार
- -अग्निशमन दस्ते में गांव के लोग होंगे भर्ती
- -जंगल की आग पर सीएम ने ली बैठक
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जंगलों में लग रही आग को बुझाने के लिए मुख्यमंत्री हरीश रावत ने चार हजार कर्मचारियों की संख्या और बढ़ा दी है। इसके साथ ही जंगलों में आग बुझाने के कार्य में लगे राज्य सरकार के कुल कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 10 हजार हो गई है।
मुख्यमंत्री रावत ने निर्देश दिए कि जंगल की आग बुझ जाने के कुछ दिन बाद तक कर्मचारी वहां रहेंगे ताकि कोई चूक न हो सके। इसके साथ वन विभाग के अफसरों को चेतावनी दी कि चौकन्ने और सतर्क रहें।
जंगलों में आग की घटनाओं की संख्या फिर बढ़ने के मामले में मुख्यमंत्री रावत ने रविवार को वन मंत्री दिनेश अग्रवाल और शासन के आला अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने निर्देश दिए कि जितने मैन पावर की जरूरत हो उसे बढ़ा दिया जाए। जैसे की आग की सूचना मिले उस पर फौरन काबू कर लिया जाए।
उन्होंने कहा कि अग्नि शमन के संसाधन जुटाने के लिए सरकार व्यवस्था कर रही है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि क्षेत्रीय लोगों को आग बुझाने वाले दस्ते में भर्ती किया जाए।
लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी: सीएम
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने आग पर काबू पाने के लिए वन पंचायतों और क्षेत्रीय संगठनों को भी साथ रखने के लिए कहा। उन्होंने अफसरों को आगाह किया कि आग के मामले में किसी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस मौके पर वन मंत्री दिनेश अग्रवाल ने अग्नि सुरक्षा के संबंध में केंद्र को प्रस्ताव भेजने का मसला उठाया। इस पर मुख्यमंत्री ने सहमति व्यक्त की। बैठक में मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह, अपर मुख्य सचिव एस. रामास्वामी, प्रमुख वन संरक्षक उत्तराखंड राजेंद्र कुमार मौजूद रहे।
मंत्री का कोट
वर्णावत पर्वत तथा अन्य क्षेत्रों में जहां भी आग की घटनाएं हो रही हैं, वहां टीमों को सतर्क कर दिया गया है। अफसरों को निर्देश दिए गए हैं कि जंगलों में गश्त करें और सूचना मिलते ही फौरन मौके पर पहुंचे। किसी भी तरह की लेट-लतीफी न होने पाए।
-दिनेश अग्रवाल, वन मंत्री