आग की 'आपदा': जंगली जानवरों में खलबली, शहर की ओर किया रुख
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हरिद्वार जिले के वन विभाग और राजाजी टाईगर रिजर्व के जंगलों में आग लगने से जानवरों का चारा खत्म हो गया है। खाने और पानी की तलाश में अब जंगली जानवर शहर का रुख कर रहे हैं।
ऐसे ही भोजन की तलाश में जंगल से बाहर आया एक काकड़ कार की चपेट में आकर मारा गया। राजाजी टाईगर रिजर्व प्रशासन ने काकड़ का पोस्टमार्टम कर शव को दफना दिया। मनसा देवी, बेरीवाड़ा, मोतीचूर के जंगल आग से जल चुके हैं।
जंगली जानवर भोजन की तलाश में इधर-उधर भटक रहे हैं। शनिवार दोपहर 12 बजे हरिद्वार इंडस्ट्रीयल एरिया स्थित पुलिस चौकी के सामने हिल बाईपास पर सड़क किनारे एक काकड़ घायलावस्था में तड़प रहा था। इसी दौरान वहां से गुजर रहे खानपुर रेंज में तैनात वन आरक्षी विजय चंचल काकड़ को अपने वाहन में लादकर डीएफओ कार्यालय ले गए।
वाटर होलों से जानवरों को मिल रहा पानी
वहां तैनात वनकर्मियों ने मामले को पार्क प्रशासन के क्षेत्र का बताया। उसके बाद उक्त वनकर्मी के साथ चीला के वार्डन के कार्यालय का एक कर्मचारी काकड़ को लेकर राजाजी टाईगर रिजर्व के रेंज आफिस पहुंचे। इस बीच काकड़ की मौत हो गई। रेंजर डीपी उनियाल ने बताया कि डाक्टरों से काकड़ का पोस्टमार्टम कराया गया, उसके बाद शव को दफनाया गया।
राजाजी टाईगर रिजर्व प्रशासन की ओर से बनाए गए पक्के वाटर होल (तालाब) से जंगली जीवों को भरपूर पानी मिल रहा है। वन्यजीव प्रतिपालक कोमल सिंह ने बताया कि बेरीवाड़ा धौलखंड क्षेत्र में पानी के मूल स्रोत से पाइप से तीन अलग-अलग वाटर होल (तालाब) में पाइप से पानी पहुंचाया जा रहा है जिससे ये वाटर होल हर समय भरे रहते हैं।
हाथी भी इन वाटर होलों पर नहाते दिखते हैं। वहीं हरिद्वार रेंज में हनोल, रावली और छिड़क में पक्के वाटर होलों पर टैंकर से पानी भरा जा रहा है। रेंजर डीपी उनियाल ने बताया कि जंगली जीवों को भरपूर पानी मिल रहा है।