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किसानों ने हाईवे पर बिठाई पंचायत, 3 घंटे रहा जाम
अमर उजाला, रुड़की
Updated Fri, 30 Aug 2013 08:51 PM IST
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उत्तराखंड सरकार ने किसानों को अनदेखा किया तो किसानों ने हाईवे पर ही अपनी पंचायत बिठा दी। तीन घंटे तक किसानों ने हाईवे पर ही महापंचायत में अपनी समस्याएं रखी।
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गन्ना भुगतान समेत छह सूत्री मांगों पर जब सुनवाई नहीं हुई तो किसानों को सड़क पर उतरकर ताकत का अहसास कराना पड़ा।
महापंचायत शुरू
शुक्रवार को भारतीय किसान यूनियन ने रुड़की के समीप हरिद्वार-दिल्ली हाईवे पर ही ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के आवास के बाहर महापंचायत शुरू कर दी। दोपहर दो बजे से शाम पांच बजे तक हाईवे पूरी तरह से किसानों के कब्जे में रहा।
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जाम के चलते राहगीरों को परेशानी उठानी पड़ी। हाईवे पर किसानों की भारी भीड़ के आगे पुलिस बल बेबस नजर आया। प्रशासन के अधिकारी भी मूकदर्शक बनने को मजबूर हो गए।
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किसानों ने जाम खोला
बाद में डीएम की ओर से मुख्यमंत्री से वार्ता का समय दिया गया। इसके बाद किसानों ने जाम खोल दिया। अब सोमवार को किसानों का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा से मिलने जाएगा।
भारतीय किसान यूनियन ने करीब एक माह पहले ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सोनिका को ज्ञापन सौंपा था, ज्ञापन में गन्ने का बकाया भुगतान समेत छह सूत्री मांगों का समाधान नहीं होने पर तहसील में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू करने का ऐलान किया था।
पहले ही दी थी चेतावनी
इसके बाद भी मांगों पर सुनवाई नहीं हुई तो किसानों ने 12 अगस्त से अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। 14 अगस्त को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट से हुई वार्ता में किसानों ने 27 अगस्त तक बकाया भुगतान नहीं होने पर 30 अगस्त को किसान महापंचायत करने का ऐलान किया था।
शुक्रवार को पूर्व नियोजित कार्यक्रम के तहत किसानों ने 10 बजे से ही मंगलौर गुड़मंडी के पास एकत्र होना शुरू कर दिया। लक्सर और आसपास के किसान 12 बजे तक रुड़की क्षेत्र में पहुंच गए थे।
रुड़की के लिए कूच
ठीक सवा एक बजे किसानों ने मंगलौर गुड़मंडी से ट्रैक्टर ट्रालियों में सवार होकर रुड़की के लिए कूच किया। दोपहर दो बजे किसानों का रैला एसडीएम तिराहे पर पहुंचा।
यहां पहुंचते ही किसानों ने ट्रैक्टर ट्रालियां हाईवे पर खड़ी कर महापंचायत शुरू कर दी। इसके बाद तो हाईवे पर पूरी तरह से किसानों का कब्जा हो गया। हाईवे पर दोनों तरफ से वाहनों की लंबी कतार लग गई। इस दौरान लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
डीएम से वार्ता
करीब तीन बजे डीएम निधि पांडे और ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सोनिका तहसील पहुंचे। इसके बाद भाकियू की ओर से संजय चौधरी, रवि कुमार, बाबूराम शास्त्री, शियानंद पटवारी, बलजोर सिंह, राकेश लोहान, विजय कुमार शास्त्री डीएम से वार्ता करने पहुंचे।
किसानों ने अपनी छह सूत्री मांगों को उनके सामने रखा। डीएम ने गन्ना भुगतान और सिंचाई ट्यूबवेलों के बिजली बिल पर एक हजार सरचार्ज का मामला शासन स्तर का बताया। उन्होंने कहा कि इस मामले में शासन से ही वार्ता करें।
सोमवार को सीएम से होगी वार्ता
डीएम ने मुख्यमंत्री आवास में फोन पर बातचीत कर सोमवार को वार्ता का समय तय करवाया। बाकी मांगों के संदर्भ में उन्होंने आश्वासन दिया कि तहसील स्तर के अधिकारियों से उनका समाधान करवाया जाएगा।
जिला प्रशासन से वार्ता के बाद भी करीब डेढ़ घंटे बाद पांच बजे जाम खुला। इसके बाद ही हाईवे पर यातायात सामान्य हो सका। भाकियू के जिला प्रवक्ता राकेश लोहान ने बताया कि गन्ना भुगतान होने तक तहसील में किसानों का धरना जारी रहेगा।