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कहीं भाजपा के दबाव में तो नहीं बदली गई आबकारी नीति?
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 19 Apr 2016 08:30 PM IST
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कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों के अलावा किसी के पास इस बात का सबूत नहीं है कि आबकारी नीति को भाजपा के दबाव में बदला गया, लेकिन जिस नीति को खारिज करने के लिए भाजपा दो साल से सदन से सड़क तक हंगामा कर रही थी, राष्ट्रपति शासन में उसका बदल जाना इस बात का संकेत जरूर है कि कहीं ना कहीं भाजपा का दबाव रहा है।
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आजकल राष्ट्रपति शासन में हो रहे कई फैसलों में भाजपा का दखल स्पष्ट नजर आ रहा है। नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट समेत समूचे विपक्ष ने एफएल-2 आबकारी नीति के खिलाफ सड़क से सदन तक जबरदस्त विरोध किया था।
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विस के दो सत्र तो चढ़े थे इस नीति की भेंट
विधानसभा के दो सत्र तो इस नीति की भेंट चढ़ गए थे। भाजपा के हर आंदोलन में एफएल-2 का मुद्दा शामिल रहा। इसलिए यह माना जा रहा है कि इस फैसले में आंतरिक तौर पर कहीं ना कहीं भाजपा का दबाव है।
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क्योंकि शासन के पिछले कई फैसलों में भाजपा का प्रभाव दिखा है। इसलिए अब सभी बड़े फैसलों में माना जा रहा है कि अप्रत्यक्ष रूप से भाजपा का दखल बढ़ रहा है।