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उद्योगों को रुला रही, बिजली की आंखमिचौली
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 16 Apr 2016 02:29 PM IST
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बिजली संकट
- फोटो : अमर उजाला
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प्रदेश के उद्योगों के लिए गर्मी बढ़ने के साथ ही बिजली की समस्या मुसीबत बन रही है। प्रदेश के उद्योगों को दो घंटे रोस्टिंग के साथ ही बिना समय वाला पावर कट होने की वजह से उद्योगों में प्रतिदिन 25 प्रतिशत से अधिक माल खराब हो रहा है।
प्रदेश में गर्मी बढ़ने के साथ ही बिजली की किल्लत भी बढ़ रही है। इस वजह से उद्योगों को बुरे दौर से गुजरना पड़ रहा है। इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के अध्यक्ष पंकज गुप्ता ने बताया कि प्रतिदिन कम से कम दो से तीन घंटे रोस्टिंग तो हो रही है लेकिन शैड्यूल का कुछ अता पता नहीं है। कई जगहों पर तो चार से पांच घंटे तक पावर कट हो रहा है।
हर दिन करीब 25 प्रतिशत माल हो रहा खराब
इस वजह से प्रोडक्शन यूनिट्स में हर दिन करीब 25 प्रतिशत माल खराब हो रहा है। अचानक बिजली चली जाने की वजह से पूरी प्रक्रिया अटक जाती है।
उन्होंने कहा कि इस संबंध में वह पहले भी पावर कारपोरेशन के एमडी से मिल चुके हैं लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। कई जगहों पर लाइनें कमजोर हैं, कहीं सब स्टेशन लोड नहीं ले पा रहे हैं, कहीं ट्रांसफार्मर ट्रिप कर जाता है। ढकरानी की कैपेसिटी बढ़ानी है।
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सेलाकुई के लिए 220 केवीए का सब स्टेशन बनना है लेकिन आज तक जमीन नहीं मिल पाई है। उन्होंने बताया कि वह 18 अप्रैल को मामले में राज्यपाल डा. केके पाल से वार्ता करेंगे।
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प्रदेश में गर्मी बढ़ने के साथ ही बिजली की किल्लत भी बढ़ रही है। इस वजह से उद्योगों को बुरे दौर से गुजरना पड़ रहा है। इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के अध्यक्ष पंकज गुप्ता ने बताया कि प्रतिदिन कम से कम दो से तीन घंटे रोस्टिंग तो हो रही है लेकिन शैड्यूल का कुछ अता पता नहीं है। कई जगहों पर तो चार से पांच घंटे तक पावर कट हो रहा है।
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हर दिन करीब 25 प्रतिशत माल हो रहा खराब
इस वजह से प्रोडक्शन यूनिट्स में हर दिन करीब 25 प्रतिशत माल खराब हो रहा है। अचानक बिजली चली जाने की वजह से पूरी प्रक्रिया अटक जाती है।
उन्होंने कहा कि इस संबंध में वह पहले भी पावर कारपोरेशन के एमडी से मिल चुके हैं लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। कई जगहों पर लाइनें कमजोर हैं, कहीं सब स्टेशन लोड नहीं ले पा रहे हैं, कहीं ट्रांसफार्मर ट्रिप कर जाता है। ढकरानी की कैपेसिटी बढ़ानी है।
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सेलाकुई के लिए 220 केवीए का सब स्टेशन बनना है लेकिन आज तक जमीन नहीं मिल पाई है। उन्होंने बताया कि वह 18 अप्रैल को मामले में राज्यपाल डा. केके पाल से वार्ता करेंगे।