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सेल्फ डिफेंस के साथ कन्या जा रहीं पूजन में
ब्यूरो/ अमर उजाला, नलिनी गुसाईं
Updated Fri, 15 Apr 2016 08:46 AM IST
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सेल्फ डिफेंस
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अष्टमी के मौके पर शहर के अनाथ आश्रमों में पूजन के लिए कन्याओं को भेजने का आग्रह किया गया। कई आश्रम वालों ने कन्याएं लोगों के घरों में भेजने से मना कर दिया, वहीं स्वद्धार आश्रम ने अपने यहां से कन्या जिमाने के लिए भेज दीं।
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आश्रम ने अपनी बच्चियों को पूरी तरह से सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग दी है। आश्रम के अनुसार कन्या पूजन के अलावा भी बच्चियों को अकेले कहीं जाना पड़े तो भी वह अपनी रक्षा कर सकेंगी। उन्हें सुरक्षा सामग्री के साथ ही आश्रमों की ओर से बाहर भेजा जाता है। इस बारे में आश्रम संचालकों का क्या कहना है, जानते हैं उन्हीं से।
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नहीं भेजा बच्चों को घरों में
अपना घर आश्रम की संचालिका नाजिया ने बताया कि इस बार बच्चों को किसी के भी घर नहीं भेजा। कई लोगों के फोन आए, कई लोग बुलाने आए लेकिन साफ मना कर दिया। कह दिया कि जिसे भी कन्या पूजन करना है, वो आश्रम आए। अष्टमी पर लोग सुबह छह बजे से ही आश्रम आने लगे थे।
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शाम तक यहां लोग कन्या पूजन के लिए आते रहे। नाजिया ने बताया कि आज के समय पर किसी पर भरोसा नहीं होता। बच्चे एक के घर के लिए निकलते हैं और फिर जाने कितने लोग उन्हें ले जा लेते हैं, ऐसे में जिस तरह से लड़कियों के साथ घटनाएं हो रही हैं, उन्हें लेकर बेहद डर लगता है। इसी के चलते इस बार तय हुआ कि बच्चों को किसी के भी घर न भेजा जाए।
साथ में देते हैं पिन और स्केल
स्वद्धार आश्रम की संचालिका कल्पना ने बताया कि लोग बच्चोें को लेने बड़े प्यार से आते हैं तो ऐसे में मना भी नहीं किया जाता है। हम लोग बच्चों के साथ चले जाया करते थे लेकिन इस बार से बच्चों को अकेले भेजा गया लेकिन बच्चों को अकेले भेजने में दिल में डर तो रहता ही है।
यही वजह है कि इस बार बच्चों को पूरी तरह से ट्रेनिंग देकर भेजा। उन्हें बताया गया कि उन्हें अपना सेल्फ डिफेंस कैसे करना है। यदि कोई गलत व्यक्ति उनके सामने पड़ जाता है तो लोहे के स्केल और पिन का इस्तेमाल कैसे करना है। यह बातें बच्चों को आगे भी काम आएंगी, क्योंकि वह रोज स्कूल भी जाते हैं, ऐसे में वह हमेशा अपनी रक्षा कर सकेंगे।