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जिला अस्पताल की कवायद पर ब्रेक!

Sat, 09 Apr 2016 03:35 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 09 Apr 2016 03:35 PM IST
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 Doon Hospital Medical Department.
दून अस्पताल - फोटो : file photo

राजधानी में जिला अस्पताल की कवायद पर फिलहाल ब्रेक लग गया है। चिकित्सा और चिकित्सा शिक्षा विभाग के बीच

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इसको लेकर चल रही बातचीत फिलहाल थम गई है। दून अस्पताल चिकित्सा विभाग से चिकित्सा शिक्षा विभाग को हस्तांतरित हो चुका है। लेकिन नया जिला अस्पताल कहां बनेगा, इसको लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। 

दून अस्पताल और दून महिला अस्पताल का एकीकरण कर राजकीय दून मेडिकल कॉलेज टीचिंग अस्पताल बनाया गया है। अस्पताल चिकित्सा शिक्षा विभाग को हस्तांतरित होने के बाद ज्यादातर स्टाफ को चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन कर दिया गया है।
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अस्पताल में चिकित्सा शिक्षा विभाग और मेडिकल कॉलेज के प्रावधानों के अनुसार व्यवस्था बनाई जा रही है। एक ही विभाग के चिकित्सकों को अलग-अलग यूनिट के रूप में बांटकर काम करवाया जा रहा है। शुरूआती दौर में मरीजों को इस व्यवस्था से तालमेल बैठाने में परेशानी भी झेलनी पड़ रही है। 
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पूर्ववर्ती सरकार के समय जिला अस्पताल को लेकर तेजी से कवायद चल रही थी। तब माजरा स्थित मंडी को ट्रांसपोर्ट नगर शिफ्ट कर वहां अस्पताल बनाने की योजना बनाई गई। हालांकि योजना के परवान चढ़ने से पहले ही सरकार की विदाई हो गई। इसके बाद फिलहाल जिला अस्पताल की पूरी प्रक्रिया थमी हुई है। 

प्रेमनगर और कोरोनेशन में जगह नहीं
पहले विभाग ने प्रेमनगर या कोरोनेशन में किसी एक अस्पताल को अपग्रेड कर जिला अस्पताल बनाने के विकल्प पर काम किया। लेकिन दोनों ही अस्पतालों में जगह की कमी के कारण यह परवान नहीं चढ़ सकी। 


प्रेमनगर में जहां जगह बेहद कम है वहीं कोरोनेशन
में फोर्टिस, अपोलो के साथ ही डीआईसी और एनसीडी क्लीनिक भी खुल गए हैं। ऐसे में वहां किसी अन्य व्यवस्था के लिए अब जगह नहीं है। 

एमजी हॉस्पिटल भी एक विकल्प
प्रीतम रोड पर निर्माणाधीन गांधी शताब्दी नेत्र चिकित्सालय फिलहाल जिला अस्पताल के लिए एक विकल्प हो सकता है। यहां पर चार मंजिला भवन लगभग तैयार हो चुका है। जिला अस्पताल का नया भवन बनने तक यहां वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर जिला अस्पताल संचालित किया जा सकता है। 

जिला अस्पताल के निर्माण को लेकर जगह चयनित नहीं हुई है। फिलहाल मेडिकल कॉलेज का टीचिंग हॉस्पिटल और जिला अस्पताल एक साथ चल रहा है। 
- डा. सुशील अग्रवाल, सीएमओ

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