{"_id":"7826b082-ef55-11e2-b293-001e671f54a0","slug":"disaster-survivors-children-in-danger","type":"story","status":"publish","title_hn":"आपदा ग्रसित बच्चों में पागलपन और आत्महत्या जैसी प्रवृति बढ़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आपदा ग्रसित बच्चों में पागलपन और आत्महत्या जैसी प्रवृति बढ़ी
अरुणेश पठानिया
Updated Thu, 18 Jul 2013 08:25 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पहाड़ों में पानी का सैलाब भले थम गया, लेकिन उसका खौफ वहां के बाशिंदों के दिमाग में अब भी उसी वेेग से बह रहा है। बारिश की जिन बूंदों से बच्चे थिरक उठते थे अब वही उन्हें डराने लगी हैं।
विज्ञापन
अपनों के खोने से लोगबाग खासतौर पर महिलाएं डिप्रेशन में आकर दिमागी संतुलन नहीं बैठा पा रहीं। नेशनल इंस्टीट्यूट आफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरो साइंस ने अपनी रिपोर्ट में आपदा ने मनोरोग के कई मार्मिक और संवेदनशील पहलू रखे हैं।
विज्ञापन
पढ़े, उत्तराखंड आपदा की खबरों की विशेष कवरेज
विज्ञापन
मनोरोग विशेषज्ञों के आपदाग्रस्त इलाकों के बारे में किए अध्ययन ने चिंताएं बढ़ा दी हैं। रुद्रप्रयाग में हालात सबसे गंभीर है। मनोरोग विशेषज्ञों ने पाया कि सबसे सोचनीय स्थिति बच्चों की है, जिनकी कल्पना पर बाढ़, मलबा और मौतों का असर हावी है। न्यूरो साइंस इंस्टीट्यूट के मनोरोग विशेषज्ञों ने पाया कि मानसिक आघात आने वाले दिनों में और बढ़ेगा।
आपदा के आघात से निपटने के लिए अब केंद्र राज्य पहली बार नेशनल मेंटल हेल्थ प्रोग्राम का हिस्सा बनेगा। अपर सचिव स्वास्थ्य पीयूष सिंह ने बताया कि केंद्र के विशेषज्ञों की रिपोर्ट पर प्रभावित जनपदों को नेशनल मेंटल हेल्थ प्लान में शामिल करने का प्लान तैयार कर भेजा जा रहा है।
यह पड़ा असर
साथ वालों की मौत से अपराध बोध
पागलपन (साइजोफ्रेनिया) की स्थिति
बच्चों में असुरक्षा का बढ़ती भावना
डिप्रेशन से आत्महत्या के ख्याल
नींद न आना या फिर डर के नींद से उठना
प्रभावित जनपद होंगे शामिल
रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, चमोली और बागेश्वर जनपद को राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम का हिस्सा बनाया जाएगा।
- प्रत्येक जनपद में 10 बिस्तर की एक साइकेटरी यूनिट
- मनोरोग विशेषज्ञ के साथ काउंसलर की तैनाती
- यूनिट से दूरस्थ क्षेत्रों में जांच और जागरूकता कार्यक्रम
सेलाकुई बनेगा हायर सेंटर
सेलाकुई स्थित विभाग के मनोरोग मरीजों के अस्पताल को कार्यक्रम के तहत हायर सेंटर के तौर पर विकसित किया जाएगा। अस्पताल में 100 बिस्तर पर एक यूनिट स्थापित होगा। हायर सेंटर में सामान्य चिकित्सकों की साइकेट्री में ट्रेनिंग के लिए शिक्षण कार्यक्रम चलेंगे।
खबर पर राय देने के लिए यहां क्लिक करें