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स्वयंभू मुख्यमंत्री बनने से रावत पर बढ़ा संवैधानिक संकटः चौहान
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 23 Apr 2016 08:13 AM IST
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भाजपा प्रदेश प्रवक्ता मुन्ना सिंह चौहान
- फोटो : amar ujala
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भाजपा प्रदेश प्रवक्ता मुन्ना सिंह चौहान ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने आनन-फानन में बृहस्पतिवार और शुक्रवार को स्वयंभू मुख्यमंत्री बनकर कैबिनेट की बैठक बुलाई और निर्णय लिए, उससे प्रदेश में संवैधानिक संकट की स्थिति और गंभीर हो गई।
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हैरान करने वाली बात है कि उच्च न्यायालय का आदेश हस्ताक्षर होकर अभी जारी भी नहीं हुआ और पक्षकारों को कोर्ट के फैसले की प्रति तक नहीं मिली और रावत ने काम शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि इतना उतावलापन दिखाया गया कि राज्यपाल के सलाहकारों की नेम प्लेट तक हटा दी गई।
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चौहान की रावत के लिए फैसलों को रद्द करने की मांग
चौहान ने राज्यपाल से मांग की कि पूर्व मुख्यमंत्री ने असंवैधानिक तरीके से जितने फैसले लिए हैं उन्हें तत्काल रद्द कर दिया जाए। इस तरह की संवैधानिक व्यवस्था की जाए कि आइंदा कोई इस तरह की हरकत न कर सके।
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उन्होंने आरोप लगाया कि कैबिनेट में किए गए फैसले विधायकों की खरीद-फ रोख्त के लिए उठाया गया एक कदम है। एक विधायक के महाविद्यालय के राजकीयकरण का फैसला किया गया है जिससे यह आरोप सिद्ध हो जाता है।
भाजपा मानती है कि 18 मार्च को विनियोग विधेयक बहुमत के अभाव में गिर गया था इस प्रकार उसी दिन सरकार फ्लोर टेस्ट में फेल हो गई थी। साथ ही भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता में राष्ट्रपति के संबंध में टिप्पणी पर भी सवाल उठाए।