उत्तराखंड की बाजी जीतने को कांग्रेस ने झोंकी पूरी ताकत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तराखंड में हरीश रावत को 10 मई को बहुमत साबित करने का समय मिलने के बाद कांग्रेस अब कोई बाजी नहीं हारना चाहती। पार्टी महासचिव और राज्य की प्रभारी अंबिका सोनी ने मोर्चा संभाल लिया है। सूत्र बताते हैं कि 9 मई को ही कांग्रेस महासचिव देहरादून पहुंच जाएंगी और उन्हें दस मई का नतीजा पार्टी के पक्ष में आने की पूरी उम्मीद है।
साथ ही पार्टी ने राज्य में सरकार बचाने के लिए हरीश रावत को ही आगे किया है। रावत केन्द्रीय नेतृत्व को विश्वास में लेकर पार्टी के विधायकों और अन्य सहयोगियों से पहल कर रहे हैं। नौ बागी विधायकों को मतदान प्रक्रिया से अलग किए जाने के मुद्दे पर पार्टी खुश है।
पार्टी के नेताओं का दावा है कि कांग्रेस के 27 विधायकों के अलावा छह अन्य (बीएसपी, यूकेडी और निर्दल) विधायकों का समर्थन मिल जाएगा।
कानूनी मामलों के दिग्गज भी जुटे
कानूनी मामलों में राय-मशविरा या किसी भी सलाह के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी, कपिल सिब्बल को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पार्टी के इन दोनों वरिष्ठ नेताओं ने ही उत्तराखंड हाईकोर्ट से लेकर उच्चतम न्यायालय तक कानूनी लड़ाई का भी जिम्मा संभाला था। पार्टी के रणनीतिकार मानते हैं कि बिहार विधानसभा चुनाव के बाद उत्तराखंड में कांग्रेस सरकार पर संकट बड़ी चुनौती है।