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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Chief Minister Harish Rawat openly challenge to Section 144.

धारा 144 को पूर्व सीएम हरीश रावत ने दी खुलकर चुनौती 

Mon, 04 Apr 2016 10:52 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 04 Apr 2016 10:52 PM IST
सार

 
  • टकराव से बचेंगे पर आक्रामक दिखने की है कोशिश
  • आशंका है कि शांति में खलल को आधार बनाकर राष्ट्रपति शासन को पुष्ट करेगी भाजपा
  • रणनीतिक रूप से आक्रामक दिखने की कोशिश, रावत ने दी भूख हड़ताल की चेतावनी

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 Chief Minister Harish Rawat openly challenge to Section 144.
हरीश रावत - फोटो : file photo

विस्तार

राष्ट्रपति शासन में कानून व्यवस्था को आधार बनाने को लेकर सहमी कांग्रेस अब धारा 144 के खिलाफ खुलकर मैदान में उतरने का एलान कर रही है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भूख हड़ताल तक की धमकी दी है। कांग्रेस संगठन ने भी रावत के सुर में सुर मिलाते हुए बुघाणी जैसे छोटे से गांव में भी धारा 144 लगाने का विरोध किया है। 

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हालांकि, सितारगंज में पांच अप्रैल के लिए प्रस्तावित लोकतंत्र बचाओ यात्रा को कांग्रेस ने स्थगित करते हुए इसे नौ अप्रैल को करने का इरादा जताया है। कांग्रेस के सामने संकट यह है कि वह शांति व्यवस्था में खलल का कोई मौका भाजपा को नहीं देना चाहती और साथ ही यह जताने की कोशिश में भी है कि विरोध के मामले में वह बैकफुट पर नहीं है।
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पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के मुताबिक पौड़ी के बुघानी गांव में धारा 144 लगाना यह साबित करता है कि भाजपा किसी कीमत पर यह नहीं चाहती कि कांग्रेस लोगों तक अपनी बात पहुंचाए।
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पूरे प्रदेश में धारा 144 लागू कर इसी मानसिकता का परिचय दिया जा रहा है। रावत ने कहा कि वे लोकतंत्र बचाओ यात्रा को जारी रखेंगे। उन्होंने भूख हड़ताल पर बैठने की चेतावनी भी दी।

पांच के बदले अब नौ को होगी लोकतंत्र बचाओ यात्रा

 Chief Minister Harish Rawat openly challenge to Section 144.
किशोर उपाध्याय। - फोटो : अमर उजाला
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर भी इस मामले को लेकर तल्ख हैं। शांति व्यवस्था के मामले को लेकर राष्ट्रपति शासन के इस दौर में कांग्रेस खासी सहमी हुई है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के काफिले पर पथराव के बाद से ही कांग्रेस शांति व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त रूप से सजग है। 

कांग्रेस का मानना है कि राष्ट्रपति शासन को न्यायोचित ठहराने के लिए शांति व्यवस्था के भंग होने को आधार बनाया जा सकता है। ऐसी स्थिति में धारा 144 के लागू होने के बाद से ही कांग्रेस फूंक- फूंककर कदम रख रही है। 

हाल यह है कि पांच अप्रैल को सितारगंज में प्रस्तावित कार्यक्रम किशोर ने रद्द कर दिया है। अब इस कार्यक्रम का आयोजन नौ अप्रैल को होगा। दस अप्रैल से कांग्रेस लोकतंत्र बचाओ यात्रा का आयोजन भी कर रही है। 

बहुगुणा के पैतृक गांव से होगी रावत की यात्रा शुरू
इसकी शुरूआत विजय बहुगुणा के पैतृक गांव बुघाणी से ही होनी है। इधर, किशोर इसी दिन खटीमा से यात्रा की शुरूआत करेंगे। 
इतना होने के बावजूद कांग्रेस विरोध जताने के मामले में बैकफुट पर दिखना नहीं चाहती। 

ऐसे में कांग्रेस के सुर तल्ख हैं। भाजपा के खिलाफ हमला बोलने का कोई मौका कांग्रेस नहीं छोड़ रही है। खुद पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर हमले की कमान को संभाले हुए हैं। 

प्रस्तावित धरना किया स्थगित
लोकतंत्र बचाओ के देशव्यापी प्रदर्शन के तहत दून में प्रस्तावित धरना भी कांग्रेस ने सोमवार को ऐन वक्त पर स्थगित कर दिया। तर्क यह दिया गया कि व्यापारियों की ओर से इसी दिन बंद का आयोजन होने के कारण यह कदम उठाया गया।
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