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तय वक्त खत्म, अभी भी 30 फीसदी काम बाकी
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टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग में निर्माणाधीन बारहामासी मार्ग में चल रही रोड कटिंग।
- फोटो : CHAMPAWAT
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टनकपुर-पिथौरागढ़ एनएच पर निर्माणाधीन बारहमासी सड़क के काम को 30 नवंबर तक पूरा होना था। यह वक्त शनिवार को बीत चुका है लेकिन रोड का काम अभी 70 प्रतिशत ही हो सका है। 30 प्रतिशत काम होना बाकी है। सड़क पर काम करा रही कंपनियों ने अप्रैल 2020 तक का पांच माह का वक्त और मांगा है लेकिन अभी तक उनके इस आवेदन को मंजूरी नहीं मिल सकी है।
राष्ट्रीय राजमार्ग खंड के सहायक अभियंता एनसी पांडेय का कहना है कि कार्य अवधि विस्तार करने का मामला केंद्रीय सड़क मंत्रालय में विचाराधीन है। फिलहाल वहां से मंजूरी पर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। अगर विस्तार को हरी झंडी न मिली तो हर रोज 0.25 प्रतिशत रकम के हिसाब से कटौती होगी। 770 करोड़ रुपये की लागत से बन रही 136 किमी लंबी बारहमासी सड़क में चार पैकेज के तहत नवंबर 2017 से शुरू काम को इस साल 30 नवंबर में पूरा होना था।
इसके तहत 6 मीटर चौड़ी सड़क को दो गुना कर 12 मीटर चौड़ा किया जाना है। सड़क की चौड़ाई के लिए अभी 133 किमी कटिंग हो सकी है। करीब 900 कलवर्ट में से 677 ही बनाए जा सके हैं। इसी तरह कटिंग रोड में डामर का काम भी महज 47 प्रतिशत ही हो सका है। कार्य करा रही कंपनियों का कहना है कि बरसात और अन्य कई वजहों से काम तय वक्त पर पूरा नहीं हो सका। इसके लिए पांच माह के कार्य अवधि विस्तार के लिए आग्रह किया गया है।
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राष्ट्रीय राजमार्ग खंड ने समयावधि बढ़ाने की संस्तुति करते हुए मुख्यालय को पत्र तो भेजा है लेकिन मंत्रालय से कार्य अवधि बढ़ाने को हरी झंडी नहीं मिली है। उधर डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय ने कंपनियों को काम की गति में तेजी लाने की हिदायत दी है।
ये हैं चार पैकेज:
पहला पैकेज टनकपुर-बेलखेत (40 किमी)
दूसरा पैकेज बेलखेज-चंपावत (38 किमी)
तीसरा पैकेज चंपावत-च्यूरानी (27 किमी)
चौथा पैकेज च्यूरानी-पिथौरागढ़ (31 किमी)
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राष्ट्रीय राजमार्ग खंड के सहायक अभियंता एनसी पांडेय का कहना है कि कार्य अवधि विस्तार करने का मामला केंद्रीय सड़क मंत्रालय में विचाराधीन है। फिलहाल वहां से मंजूरी पर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। अगर विस्तार को हरी झंडी न मिली तो हर रोज 0.25 प्रतिशत रकम के हिसाब से कटौती होगी। 770 करोड़ रुपये की लागत से बन रही 136 किमी लंबी बारहमासी सड़क में चार पैकेज के तहत नवंबर 2017 से शुरू काम को इस साल 30 नवंबर में पूरा होना था।
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इसके तहत 6 मीटर चौड़ी सड़क को दो गुना कर 12 मीटर चौड़ा किया जाना है। सड़क की चौड़ाई के लिए अभी 133 किमी कटिंग हो सकी है। करीब 900 कलवर्ट में से 677 ही बनाए जा सके हैं। इसी तरह कटिंग रोड में डामर का काम भी महज 47 प्रतिशत ही हो सका है। कार्य करा रही कंपनियों का कहना है कि बरसात और अन्य कई वजहों से काम तय वक्त पर पूरा नहीं हो सका। इसके लिए पांच माह के कार्य अवधि विस्तार के लिए आग्रह किया गया है।
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राष्ट्रीय राजमार्ग खंड ने समयावधि बढ़ाने की संस्तुति करते हुए मुख्यालय को पत्र तो भेजा है लेकिन मंत्रालय से कार्य अवधि बढ़ाने को हरी झंडी नहीं मिली है। उधर डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय ने कंपनियों को काम की गति में तेजी लाने की हिदायत दी है।
ये हैं चार पैकेज:
पहला पैकेज टनकपुर-बेलखेत (40 किमी)
दूसरा पैकेज बेलखेज-चंपावत (38 किमी)
तीसरा पैकेज चंपावत-च्यूरानी (27 किमी)
चौथा पैकेज च्यूरानी-पिथौरागढ़ (31 किमी)