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डेयरी व्यवसाय और सब्जी उत्पादन से महिलाएं बनेंगी स्वावलंबी
Sun, 26 May 2019 11:32 PM IST
बृजमोहन बृजमोहन
अमर उजाला ब्यूरो बनबसा (चंपावत)।
अमर उजाला ब्यूरो बनबसा (चंपावत)।
Published by: बृजमोहन बृजमोहन
Updated Sun, 26 May 2019 11:32 PM IST
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बनबसा फागपुर में आरसेटी प्रशिक्षण में शिरकत करती महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला
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राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत आंबेडकर ग्राम फागपुर में महिलाओं का दस दिवसीय डेयरी फार्मिंग और वर्मी कंपोस्ट खाद बनाने का प्रशिक्षण शुरू हुआ। एसबीआई ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) चंपावत की ओर से आयोजित प्रशिक्षण का शुभारंभ ग्रामप्रधान गीता देवी और आरसेटी के निदेशक जनार्दन चिल्कोटी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
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महिलाओं को रोजगार से जोड़ने को लेकर 35 ग्रामीण महिलाओं को डेयरी फार्मिंग और वर्मी कंपोस्ट खाद निर्माण का प्रशिक्षण दिया जाएगा। आरसेटी के निदेशक ने प्रशिक्षण के बाद स्वरोजगार अपनाने वाली महिलाओं को बैंकों, सरकार से मिलने वाली सुविधाओं और ऋण आदि की जानकारी दी। इससे पूर्व माइक्रो लैब के जरिए प्रशिक्षणार्थियों का परिचय कराया गया और विभिन्न खेलों एवं वीडियो क्लिपिंग के माध्यम से उद्यमिता के गुर सिखाए गए।
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आरसेटी के प्रशिक्षण समन्वयक फैकल्टी विजय लडवाल ने कहा कि फागपुर में सिंचाई के पर्याप्त साधन होने से महिलाएं नकदी फसलों, सब्जियों आदि का उत्पादन करें। प्रशिक्षण के बाद डेयरी व्यवसाय कर स्वरोजगार अपनाएं। उन्होंने प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद दुधारू गायों की खरीद के लिए सरकारी योजनाओं के तहत ऋण उपलब्ध कराने के बारे में बताया।
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कहा कि फागपुर के सेना छावनी से लगे होने से गांव से दूध, सब्जियों की अधिक मांग रहती है जिसका महिलाएं लाभ उठा सकेंगी। वहां आरसेटी के राजेश पंत, सफल उद्यमी लक्ष्मी शर्मा और ग्रामीण मौजूद रहे।