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महिलाओं का विरोध प्रदर्शन छठे दिन भी जारी
ब्यूरो/ अमर उजाला, चंपावत
Updated Wed, 03 May 2017 10:03 PM IST
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जिले के विभिन्न स्थानों में शराब की दुकान का विरोध दिनोंदिन तेज होते जा रहा है। आरएसफसी गोदाम के समीप शराब की दुकान के विरोध में महिलाएं छठे दिन भी आंदोलन में डटी रही।
महिलाएं दिन और रात बारी-बारी से प्रस्तावित दुकान के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रही हैं। बुधवार को भाजपा जिलाध्यक्ष हिमेश कलखुड़िया ने आंदोलनकारी महिलाओं से वार्ता की। उन्होंने कहा कि महिलाओं का आंदोलन जायज है तथा विरोध के चलते दुकान नहीं खुलने दी जाएगी। उन्होंने महिलाओं को भरोसा दिलाया कि उनकी मांग को शासन तक पहुंचाया जाएगा। महिलाओं का कहना था कि दुकान के अंदर भारी मात्रा में शराब रखी गई है।
जब तक दुकान में रखी शराब हटाई नहीं जाती उनका आंदोलन जारी रहेगा। महिलाओं का कहना था कि अब वह जिला कार्यालय परिसर में क्रमिक अनशन शुरू करेंगी। बुधवार को शराब की दुकान का विरोध करने वालों में सभासद कलावती देवी, नरेश जोशी, पूर्व प्रधान पुष्पा गोस्वामी, कैलाश अधिकारी, रामू भंडारी, हेमा जोशी, चंद्रकला देवी, कमला देवी, शांति देवी, भूमि देवी, विमला देवी, लक्ष्मी देवी आदि शामिल रहे।
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उधर, चल्थी के धनुषपुल के समीप देशी शराब की दुकान खोलने की आशंका को लेकर ग्रामीणों और महिलाओं का आंदोलन बुधवार को चौथे दिन भी जारी रहा। यहां महिलाओं ने भी किसी भी स्थिति में शराब की दुकान नहीं खुलने देने की बात कही है। ग्राम प्रधान जानकी देवी, भरत राम, उमाशंकर, जोगा सिंह के नेतृत्व में ग्रामीण प्रस्तावित दुकान के बाहर धरने में बैठे हैं। आबकारी निरीक्षक भरत प्रसाद का कहना है कि बाराकोट में बिना किसी विवाद के दो दुकानें खुलवा दी हैं। उनका कहना है कि अन्य जगहों में भी महिलाओं को समझाकर दुकानें खोल ली जाएंगी। जिले में अब तक देसी-विदेशी मदिरा की 16 दुकानों में से नौ दुकानें संचालित की जा रही हैं। जबकि अन्य स्थानों पर दुकानें खुलवाने की कोशिशें जारी हैं।
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महिलाएं दिन और रात बारी-बारी से प्रस्तावित दुकान के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रही हैं। बुधवार को भाजपा जिलाध्यक्ष हिमेश कलखुड़िया ने आंदोलनकारी महिलाओं से वार्ता की। उन्होंने कहा कि महिलाओं का आंदोलन जायज है तथा विरोध के चलते दुकान नहीं खुलने दी जाएगी। उन्होंने महिलाओं को भरोसा दिलाया कि उनकी मांग को शासन तक पहुंचाया जाएगा। महिलाओं का कहना था कि दुकान के अंदर भारी मात्रा में शराब रखी गई है।
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जब तक दुकान में रखी शराब हटाई नहीं जाती उनका आंदोलन जारी रहेगा। महिलाओं का कहना था कि अब वह जिला कार्यालय परिसर में क्रमिक अनशन शुरू करेंगी। बुधवार को शराब की दुकान का विरोध करने वालों में सभासद कलावती देवी, नरेश जोशी, पूर्व प्रधान पुष्पा गोस्वामी, कैलाश अधिकारी, रामू भंडारी, हेमा जोशी, चंद्रकला देवी, कमला देवी, शांति देवी, भूमि देवी, विमला देवी, लक्ष्मी देवी आदि शामिल रहे।
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उधर, चल्थी के धनुषपुल के समीप देशी शराब की दुकान खोलने की आशंका को लेकर ग्रामीणों और महिलाओं का आंदोलन बुधवार को चौथे दिन भी जारी रहा। यहां महिलाओं ने भी किसी भी स्थिति में शराब की दुकान नहीं खुलने देने की बात कही है। ग्राम प्रधान जानकी देवी, भरत राम, उमाशंकर, जोगा सिंह के नेतृत्व में ग्रामीण प्रस्तावित दुकान के बाहर धरने में बैठे हैं। आबकारी निरीक्षक भरत प्रसाद का कहना है कि बाराकोट में बिना किसी विवाद के दो दुकानें खुलवा दी हैं। उनका कहना है कि अन्य जगहों में भी महिलाओं को समझाकर दुकानें खोल ली जाएंगी। जिले में अब तक देसी-विदेशी मदिरा की 16 दुकानों में से नौ दुकानें संचालित की जा रही हैं। जबकि अन्य स्थानों पर दुकानें खुलवाने की कोशिशें जारी हैं।