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Champawat News: बिना पुस्तकों के ज्ञान, कैसे मिलेगा फिर सम्मान
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चंपावत। जिला मुख्यालय में नया शैक्षणिक सत्र शुरू हुए दो माह से अधिक का समय हो गया, लेकिन अभी तक इंटर के विद्यार्थियों के लिए पुस्तकें नहीं मिली हैं जबकि हाईस्कूल की मात्र दो विषयों की पुस्तकें ही मिल पाई हैं। ऐसे में बच्चों के लिए पढ़ाई करना आसान नहीं हो रहा है।
शिक्षा विभाग ने जिला मुख्यालय से कक्षा एक से 12 तक 27854 पुस्तकों के लिए मांग की गई थी। इसमें 10वीं के छात्रों के लिए 3188 और 12वी के छात्रों के लिए 2875 पुस्तकों की मांग की थी। अब तक इन किताबों के लिए छात्रों को परेशान होना पड़ रहा है।
10वीं के छात्रों के लिए गणित, अंग्रेजी के विषय की पुस्तकें ही उपलब्ध हो सकी हैं जबकि इंटर के छात्रों को अभी तक कोई पुस्तकें नहीं मिली हैं। छात्र बिना किताबों के रोज विद्यालय आ रहे है। शिक्षकों काे पाठ्यक्रम पढ़ाने में परेशानी हो रही है।
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अभिभावक केदार सिंह ने बताया कि जब सरकारी विद्यालयों में समय पर पुस्तकें नहीं पहुंचती है तो बच्चों की पढ़ाई में पिछड़ने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में कई बार बच्चों का भविष्य देखते हुए बाजार से किताबें खरीदनी पड़ती हैं।
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वर्तमान में हाईस्कूल की मात्र दो विषयों की पुस्तकें ही मिल पाई हैं जबकि इंटर के 2875 छात्र-छात्राओं के लिए अभी तक पुस्तकें उपलब्ध नहीं हो पाई हैं। 72 विषयों की पुस्तकें मिली हैं, जिनके वितरण का काम किया जा रहा है। - हरि विनोद पंत, ब्लॉक समन्वयक, शिक्षा विभाग, चंपावत।
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शिक्षा विभाग ने जिला मुख्यालय से कक्षा एक से 12 तक 27854 पुस्तकों के लिए मांग की गई थी। इसमें 10वीं के छात्रों के लिए 3188 और 12वी के छात्रों के लिए 2875 पुस्तकों की मांग की थी। अब तक इन किताबों के लिए छात्रों को परेशान होना पड़ रहा है।
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10वीं के छात्रों के लिए गणित, अंग्रेजी के विषय की पुस्तकें ही उपलब्ध हो सकी हैं जबकि इंटर के छात्रों को अभी तक कोई पुस्तकें नहीं मिली हैं। छात्र बिना किताबों के रोज विद्यालय आ रहे है। शिक्षकों काे पाठ्यक्रम पढ़ाने में परेशानी हो रही है।
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अभिभावक केदार सिंह ने बताया कि जब सरकारी विद्यालयों में समय पर पुस्तकें नहीं पहुंचती है तो बच्चों की पढ़ाई में पिछड़ने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में कई बार बच्चों का भविष्य देखते हुए बाजार से किताबें खरीदनी पड़ती हैं।
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वर्तमान में हाईस्कूल की मात्र दो विषयों की पुस्तकें ही मिल पाई हैं जबकि इंटर के 2875 छात्र-छात्राओं के लिए अभी तक पुस्तकें उपलब्ध नहीं हो पाई हैं। 72 विषयों की पुस्तकें मिली हैं, जिनके वितरण का काम किया जा रहा है। - हरि विनोद पंत, ब्लॉक समन्वयक, शिक्षा विभाग, चंपावत।