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सीएम से पूछते कि पुरानी घोषणाएं पूरी क्यों नहीं हुई
ब्यूरो/अमर उजाला, देवीधुरा (चंपावत)।
Updated Thu, 18 Aug 2016 10:25 PM IST
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देवीधूरा का बग्वाल मेला
- फोटो : अमर उजाला
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देवीधुरा (चंपावत)। देवीधुरा बग्वाल मेें मुख्यमंत्री हरीश रावत के पहुंचने की राह में शायद मौसम आड़े आ गया। चुनाव के मौसम में लोगाें को उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री पहुंचेंगे और शिकायतों के बीच उन्हें पुराने वादे याद दिलाये जा सकेंगे। इस पर चुनाव की खुमारी में कुछ नई घोषणाएं भी हो जाती तो और भी बेहतर। इतना होने पर भी मुख्यमंत्री नहीं पहुंच पाए तो लोगों को निराशा हुई।
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देवीधुरा बग्वाल मेें मुख्यमंत्री हरीश रावत के पहुंचने का कार्यक्रम भी पहले ही तय हो गया था। इसके लिए बाकायदा देवीधुरा जीआईसी में हेलीपैड भी बनाया गया था। लोगों को उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री आएंगे तो पिछले साल देवीधुरा बग्वाल में आए थे तो उन्होंने पांच घोषणाएं की थी। इनमें से केवल एक कुमाऊं केसरी खुशीराम स्मृति स्थल की घोषणा ही साकार हो पाई। इसका निर्माण कार्य चल रहा है। बाकी की चार घोषणाएं अधर में हैं और मुख्यमंत्री आते तो शायद उन्हें जवाब भी देना पड़ता।
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जिला पंचायत अध्यक्ष खुशाल सिंह अधिकारी का कहना था कि सीएम बग्वाल में आना चाहते थे, इसके लिए सुरक्षा कर्मियों को भी देवीधुरा के लिए रवाना कर दिया गया था, लेकिन खराब मौसम के चलते कार्यक्रम टालना पड़ा। मां बाराही धाम मंदिर कमेटी के मुख्य संरक्षक लक्ष्मण सिंह लमगड़िया की माने तो राष्ट्रपति शासन लगने और कई दूसरे गतिरोध आने की वजह से देरी हुई है।
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पिछले साल ये हुए थे वादे
- कुमाऊं केसरी खुशीराम स्मृति स्थल के लिए 1 करोड़ रुपये की मंजूरी।
- खोलीखांड मैदान का विस्तार।
- स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय घनानंद जोशी के गांव को रोड से जोड़ना।
- देवीधुरा की पेयजल योजना का पुनर्गठन।
- पाटी में आयुष महाविद्यालय की स्थापना।