फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   When the hospital itself is sick, how do people get treatment?

जब अस्पताल ही बीमार तो कैसे मिले लोगों को उपचार

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sat, 26 Jun 2021 11:42 PM IST
विज्ञापन
When the hospital itself is sick, how do people get treatment?
बनबसा (चंपावत)। नेपाल सीमा से लगा बनबसा जिले का प्रवेशद्वार भी है, लेकिन इतने महत्वपूर्ण केंद्र की स्वास्थ्य सुविधा फेल है। कोरोना से निपटने के प्रबंध तो छोड़िए, आम दिनों में भी यहां इलाज मुहैय्या नहीं है। यहां के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में एक्सरे तो दूर, खून की मामूली जांचों तक की सुविधा नहीं है। और मरीज देखने के लिए डॉक्टर का प्रबंध भी बस जुगाड़ से किया गया है। टनकपुर के एक डॉक्टर को यहां संबद्ध किया गया है। खास बात यह है कि विधायक कैलाश गहतोड़ी के गृह नगर का अस्पताल होने के बावजूद यहां की स्वास्थ्य सेवा खुद लाइलाज है।
विज्ञापन

जिला मुख्यालय से 89 किमी दूर बनबसा का अस्पताल ऊधमसिंह नगर जिले के खटीमा के ज्यादा करीब है। खटीमा से इसकी दूरी सिर्फ 11 किमी है। भव्य भवन में चल रहे पीएचसी में सुविधाओं की कमी आमतौर पर मरीजों को यहां आने से रोकती है। औसतन रोज तीन मरीज यहां इलाज के लिए आ रहे हैं। अस्पताल प्रबंधन इसके लिए कोविड की वजह से कम हो रही आवाजाही की दलील देते हैं, लेकिन लोगों का मानना है कि इलाज नहीं मिल पाने से अस्पताल जाना समय की बर्बादी है। फार्मासिस्ट प्रकाश भट्ट पर मरीज के मर्ज की जांच से लेकर दवा देने तक का जिम्मा था। अलबत्ता कुछ समय पहले टनकपुर उप जिला अस्पताल की दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. राखी मित्रा को यहां संबंद्ध किया गया है।
विज्ञापन

अस्पताल में न एक्सरे की सुविधा है नहीं पैथोलॉजी या किसी मामूली जांच की सुविधा। ऐसे में छोटी से छोटी परेशानी के लिए लोगों को 11 किमी दूर टनकपुर उप जिला अस्पताल की दौड़ लगाने को मजबूर होना पड़ रहा है। वहीं विधायक कैलाश गहतोड़ी का कहना है कि यहां की स्वास्थ्य सेवा को सुधारने के लिए अस्पताल को उच्चीकृत कर पीएचसी का दर्जा दिलवाने सहित कई कदम उठाए गए हैं। और जो कमियां हैं, उन्हें भी दूर किया जा रहा है। (संवाद)
विज्ञापन
विज्ञापन

आठ बेड का कोविड वार्ड बना
बनबसा (चंपावत)। भले ही यहां न मामूली जांच की सुविधा हो, लेकिन अस्पताल को तीसरी लहर से बचाव के लिए तैयार करने का दावा किया गया है। अस्पताल में ऑक्सीजन सुविधायुक्त आठ बेड का कोविड वार्ड जरूर बनाया गया है।

कोट
जिले के प्रवेशद्वार बनबसा के पीएचसी की स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने के लिए काम किया जा रहा है। डॉक्टर और अन्य जरूरी स्टाफ की कमी को जल्द दूर करने के लिए महानिदेशालय स्तर पर पत्र भेजा गया है।
डॉ. आरपी खंडूरी,
सीएमओ, चंपावत।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed