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बर्फबारी के बाद धूप खिलने से खुशगवार हुआ मौसम
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लोहाघाट में बर्फ से आकृति बनाकर आनंद लेते बच्चे।
- फोटो : LOHAGHAT
जिले के पहाड़ी हिस्से में बृहस्पतिवार को हुई भारी बर्फबारी के बाद खिली धूप से मौसम खुशगवार हो गया है। धूप खिलने से लोग घरों से बाहर निकले। इससे बाजार में भी दिन भर चहलपहल रही। इसके अलावा नगर में बर्फ पिघलने के बाद भी सैलानियों की ऊंचाई वाले क्षेत्रों में छिटपुट आवाजाही जारी रही।
चंपावत में बृहस्पतिवार को हुई रिकार्ड बर्फबारी के बाद जनजीवन पटरी से उतर गया था। शुक्रवार को सुबह से खिली धूप से मौसम सुहाना हो गया। चटख धूप के साथ दिनभर बर्फीली हवाएं चलती रहीं। लोग छतों में दिनभर धूप सेंकने के साथ कपड़े सुखाते नजर आए। वहीं मौसम साफ होने से बाजार में भी लोगों की आवाजाही बढ़ी। पिछले कई दिनों से मौसम की मार झेल रहे व्यापारियों के भी चेहरे खिले रहे।
इधर एबटमाउंट, मायावती, देवीधार, मेलकूना, खेतीखान, पुलहिंडोला, देवीधुरा, पाटी आदि स्थानों में गिरी बर्फ का स्थानीय और बाहर से आए पर्यटकों की खासी चहल पहल रही। बच्चों से लेकर बूढ़ों तक हर वर्ग के लोगों ने बर्फबारी का खूब आनंद लिया। बच्चे बर्फ से विभिन्न प्रकार की आकृतियां बनाते नजर आए। वहीं युवा बर्फ के गोले बनाकर एक दूसरे पर इसकी मार कर बर्फबारी का मजा ले रहे थे। बुजुर्ग जयदत्त ओली, भवानी दत्त राय, हीरा सिंह, रमेश चंद्र, शांति देवी, रूकमणि आमा आदि का कहना है कि लंबे समय बाद इतनी मात्रा में क्षेत्र में बर्फ गिरी है।
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बर्फबारी से रिचार्ज होंगे पेयजल स्रोत
लोहाघाट (चंपावत)। कुछ सालों से बर्फ न गिरने से लोगों को पानी की कमी से जूझना पड़ता था, वहीं खेती पर भी इसका व्यापक असर पड़ता था। एडीओ उद्यान भूपेंद्र प्रकाश जोशी ने बताया कि यह बर्फबारी किसानों के लिए फायदेमंद है। बर्फबारी से जमीन के कीड़े मर जाएंगे। वहीं पेयजल स्रोत रिचार्ज होने से पेयजल किल्लत से भी राहत मिलेगी। पानी के बिना सूख रही गेहूं, मसूर, मटर, जौं, जई, राई, पालक, मेथी की फसलों को नई जान मिली है। संवाद
चंपावत जिले की बंद सड़कें:
1.चंपावत-मंच-तामली मोटर मार्ग।
2.लोहाघाट के मंगोली-कोटला सड़क मार्ग।
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चंपावत में बृहस्पतिवार को हुई रिकार्ड बर्फबारी के बाद जनजीवन पटरी से उतर गया था। शुक्रवार को सुबह से खिली धूप से मौसम सुहाना हो गया। चटख धूप के साथ दिनभर बर्फीली हवाएं चलती रहीं। लोग छतों में दिनभर धूप सेंकने के साथ कपड़े सुखाते नजर आए। वहीं मौसम साफ होने से बाजार में भी लोगों की आवाजाही बढ़ी। पिछले कई दिनों से मौसम की मार झेल रहे व्यापारियों के भी चेहरे खिले रहे।
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इधर एबटमाउंट, मायावती, देवीधार, मेलकूना, खेतीखान, पुलहिंडोला, देवीधुरा, पाटी आदि स्थानों में गिरी बर्फ का स्थानीय और बाहर से आए पर्यटकों की खासी चहल पहल रही। बच्चों से लेकर बूढ़ों तक हर वर्ग के लोगों ने बर्फबारी का खूब आनंद लिया। बच्चे बर्फ से विभिन्न प्रकार की आकृतियां बनाते नजर आए। वहीं युवा बर्फ के गोले बनाकर एक दूसरे पर इसकी मार कर बर्फबारी का मजा ले रहे थे। बुजुर्ग जयदत्त ओली, भवानी दत्त राय, हीरा सिंह, रमेश चंद्र, शांति देवी, रूकमणि आमा आदि का कहना है कि लंबे समय बाद इतनी मात्रा में क्षेत्र में बर्फ गिरी है।
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बर्फबारी से रिचार्ज होंगे पेयजल स्रोत
लोहाघाट (चंपावत)। कुछ सालों से बर्फ न गिरने से लोगों को पानी की कमी से जूझना पड़ता था, वहीं खेती पर भी इसका व्यापक असर पड़ता था। एडीओ उद्यान भूपेंद्र प्रकाश जोशी ने बताया कि यह बर्फबारी किसानों के लिए फायदेमंद है। बर्फबारी से जमीन के कीड़े मर जाएंगे। वहीं पेयजल स्रोत रिचार्ज होने से पेयजल किल्लत से भी राहत मिलेगी। पानी के बिना सूख रही गेहूं, मसूर, मटर, जौं, जई, राई, पालक, मेथी की फसलों को नई जान मिली है। संवाद
चंपावत जिले की बंद सड़कें:
1.चंपावत-मंच-तामली मोटर मार्ग।
2.लोहाघाट के मंगोली-कोटला सड़क मार्ग।