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बरसात में बनबसा के लिए जलभराव रहती है बड़ी समस्या
Fri, 28 Jun 2019 10:32 PM IST
बृजमोहन बृजमोहन
विनोद काला बनबसा (चंपावत)।
विनोद काला बनबसा (चंपावत)।
Published by: बृजमोहन बृजमोहन
Updated Fri, 28 Jun 2019 10:32 PM IST
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बनबसा धर्मशाला मार्ग बरसात से जलभराव की जद में।
- फोटो : अमर उजाला
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बरसात में जलभराव बनबसा के लिए बड़ी समस्या बन जाता है। बरसाती पानी की निकासी नहीं होने, क्षेत्र में कई जगहों का गहरे में होना और जगह-जगह से मिट्टी उठाने से हुए गड्ढों में जलभराव होता है। इसके अलावा कीचड़ की समस्या और संक्रमण का खतरा भी पैदा हो जाता है। जलभराव के आसपास के हैंडपंपों का पानी पीने लायक भी नहीं रह पाता है। दशकों से चली आ रही समस्या ज्यों की त्यों है लेकिन शासन-प्रशासन जलभराव और कीचड़ जैसी समस्या को दूर करने में नाकाम रहा है।
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बरसात में करीब चार माह नगर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को बारिश के दौरान समस्या का सामना करना पड़ता है। वर्षों से जलभराव और कीचड़ की समस्या से लोग परेशान रहते हैं। गहरे में बसे देवीपुरा के लिए जलभराव पर्याय बन चुका है।हल्की सी बरसात में देवीपुरा जलमग्न हो जाता है। टनकपुर-खटीमा राजमार्ग के दोनों किनारों के प्राकृतिक नालों को पाट दिए जाने से बरसाती पानी का निकास नहीं होने से पचपकरिया, पचपकरिया गोठ, देशीफार्म, पेंटरफार्म, मीनाबाजार, धर्मशाला मार्ग, अंबेडकर ग्राम फागपुर, चंदनी, भजनपुर में बरसात में जलभराव की समस्या आम बात है।
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क्षेत्र के लगभग सभी गांवों में पक्के संपर्क मार्ग न होने और कई संपर्क मार्गों के क्षतिग्रस्त होने से कीचड़ की समस्या बनी रहती है। कीचड़ की समस्या कामकाजी लोगों के अलावा सबसे अधिक स्कूली बच्चों के लिए मुसीबत पैदा करती है। बीओबी से बाजार जाने वाला मार्ग और धर्मशाला मार्ग पर बरसात में जलभराव आवागमन में बाधा पैदा करता है। जलभराव के कारण बरसाती पानी का भूमिगत पानी के संपर्क में आने से कम गहरे हैंडपंपों का पानी पीने के लायक नहीं रहता है। करीब ढाई दशकों से क्षेत्र में हो रहे जलभराव और कीचड़ की समस्या को दुरुस्त करने में प्रशासन नाकाम रहा है।
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बरसात में कम गहरे खुदे हैंडपंपों का पानी पीने के लायक नहीं रहता। इन दिनों हैंडपंपों के पानी को बिना उबाले नहीं पीना चाहिए। खासतौर पर जलभराव वाले क्षेत्रों के आसपास वाले हैंडपंपों के पानी को सीधे पीने के काम में नहीं लाना चाहिए।
-डॉ. मो. उमर, चिकित्सक, अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनबसा।
बरसात शुरू होने पर ग्रामीण और जलभराव वाले क्षेत्रों में पानी साफ करने को दवाओं का वितरण किया जाता है। लोगों को पानी उबाल कर पीने की सलाह दी जाती है। एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं को क्षेत्र में नियमित दौरा कर हालत पर नजर रखने के निर्देश दिए जाते हैं।
-डॉ. एचएस हृयांकी, चिकित्साधीक्षक टनकपुर अस्पताल।
नगर क्षेत्र के अलावा मलिन बस्तियों में नगर पंचायत प्रशासन को साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के अलावा समय समय पर कीटनाशकों का छिड़काव करने को कहा गया है। पानी साफ करने वाली दवाओं का वितरण करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
-रेनू अग्रवाल, चेयरमैन, नगर पंचायत बनबसा।
बरसात से पूर्व नालों और नालियों की सफाई कराई जा चुकी है। जलभराव वाले इलाकों में लोगों को पानी साफ करने वाली दवाओं का वितरण और मच्छरों से बचाव को भी दवाओं का छिड़काव कराया जाएगा।
-नोनी राम, ईओ. नगर पंचायत बनबसा।