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Champawat News: पूर्णागिरि धाम क्षेत्र में पानी का संकट
Mon, 27 Feb 2023 11:51 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Mon, 27 Feb 2023 11:51 PM IST
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पूर्णागिरि धाम (चंपावत)। मां पूर्णागिरि धाम के मेले में दस दिन बचे हैं लेकिन व्यवस्था ठीक होने के बजाय यहां पानी की किल्लत होने लगी है। तीन दिन से निगालीगाड़ की टूटी लाइन ठीक नहीं होने से धाम सहित क्षेत्र के कई हिस्सों में पेयजल संकट बना हुआ है। इसके चलते न केवल स्थानीय लोग दूरदराज से पानी ढोने को मजबूर हैं।
मां पूर्णागिरि धाम का सरकारी मेला नौ मार्च से शुरू होगा। पूर्णागिरि क्षेत्र में तीन (निगालीगाड़, ठुंगागाड़ और भवानीगाड़) पेयजल स्रोतों से पानी की आपूर्ति होती है लेकिन मेला क्षेत्र में 50 प्रतिशत से अधिक पेयजल आपूर्ति करने वाली निगालीगाड़ की पेयजल लाइन 25 फरवरी से टूटी है। इससे टुन्नास, काली मंदिर, भैरव मंदिर, सेलागाड़ क्षेत्र की पेयजल आपूर्ति प्रभावित है। जल संस्थान की टीम सोमवार को लाइन को ठीक करने के लिए निगालीगाड़ गई, लेकिन शाम तक मरम्मत का काम पूरा नहीं हो सका। मंदिर समिति सहित क्षेत्र के लोगों ने पेयजल लाइनों को जल्द ठीक कराने की मांग की है।
निगालीगाड़ जल स्रोत की मरम्मत के लिए विभागीय टीम भेजी गई है। लाइन ठीक कर ली गई है। टैंक भरने में समय लगने की वजह से मंगलवार सुबह से पेयजल आपूर्ति सुचारु हो जाएगी।
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- विलाल युनूस, ईई, जल संस्थान, चंपावत।
ग्रामीणों ने डीएम को ज्ञापन दिया
चंपावत। यहां से 15 किलोमीटर दूर नायल गांव के लोग पेयजल योजना के निर्माण में हो रही देरी से नाराज हैं। परेशान ग्रामीणों ने सोमवार को डीएम के कार्यालय में समस्या के समाधान की मांग की। आरोप लगाया कि निर्माणाधीन योजना तो पूरा नहीं हो रही है, उल्टा अब काम रुक गया है जिस कारण उनके क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति पर भी असर पड़ रहा है। धौन के पास नायल गांव के लोगों का कहना है कि निर्माणाधीन योजना के काम में देरी से पेयजल उपलब्धता पर असर पड़ा है। ग्रामीण प्रतिनिधिमंडल ने डीएम को दिए ज्ञापन में निर्माण कार्य जल्द पूरा करवाने के साथ पेयजल आपूर्ति सुचारू कराने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में महेश चंद्र, खिलानंद, बलदेव भट्ट आदि शामिल रहे। उधर डीएम नरेंद्र सिंह भंडारी ने कार्यदायी संस्था को तेजी से काम कराने के निर्देश दिए हैं।
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मां पूर्णागिरि धाम का सरकारी मेला नौ मार्च से शुरू होगा। पूर्णागिरि क्षेत्र में तीन (निगालीगाड़, ठुंगागाड़ और भवानीगाड़) पेयजल स्रोतों से पानी की आपूर्ति होती है लेकिन मेला क्षेत्र में 50 प्रतिशत से अधिक पेयजल आपूर्ति करने वाली निगालीगाड़ की पेयजल लाइन 25 फरवरी से टूटी है। इससे टुन्नास, काली मंदिर, भैरव मंदिर, सेलागाड़ क्षेत्र की पेयजल आपूर्ति प्रभावित है। जल संस्थान की टीम सोमवार को लाइन को ठीक करने के लिए निगालीगाड़ गई, लेकिन शाम तक मरम्मत का काम पूरा नहीं हो सका। मंदिर समिति सहित क्षेत्र के लोगों ने पेयजल लाइनों को जल्द ठीक कराने की मांग की है।
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निगालीगाड़ जल स्रोत की मरम्मत के लिए विभागीय टीम भेजी गई है। लाइन ठीक कर ली गई है। टैंक भरने में समय लगने की वजह से मंगलवार सुबह से पेयजल आपूर्ति सुचारु हो जाएगी।
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- विलाल युनूस, ईई, जल संस्थान, चंपावत।
ग्रामीणों ने डीएम को ज्ञापन दिया
चंपावत। यहां से 15 किलोमीटर दूर नायल गांव के लोग पेयजल योजना के निर्माण में हो रही देरी से नाराज हैं। परेशान ग्रामीणों ने सोमवार को डीएम के कार्यालय में समस्या के समाधान की मांग की। आरोप लगाया कि निर्माणाधीन योजना तो पूरा नहीं हो रही है, उल्टा अब काम रुक गया है जिस कारण उनके क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति पर भी असर पड़ रहा है। धौन के पास नायल गांव के लोगों का कहना है कि निर्माणाधीन योजना के काम में देरी से पेयजल उपलब्धता पर असर पड़ा है। ग्रामीण प्रतिनिधिमंडल ने डीएम को दिए ज्ञापन में निर्माण कार्य जल्द पूरा करवाने के साथ पेयजल आपूर्ति सुचारू कराने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में महेश चंद्र, खिलानंद, बलदेव भट्ट आदि शामिल रहे। उधर डीएम नरेंद्र सिंह भंडारी ने कार्यदायी संस्था को तेजी से काम कराने के निर्देश दिए हैं।