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पानी के लिए शुरू होने लगी धक्का मुक्की

Sat, 01 Jun 2019 10:57 PM IST
बृजमोहन बृजमोहन अमर उजाला ब्यूरो  चंपावत।
अमर उजाला ब्यूरो  चंपावत। Published by: बृजमोहन बृजमोहन Updated Sat, 01 Jun 2019 10:57 PM IST
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water crises in some places
चंपावत में पीने के पानी को हासिल करने के लिए मची मारामारी। - फोटो : अमर उजाला
जिला मुख्यालय में वार्डों में इन दिनों पानी की किल्लत थमने का नाम नहीं ले रही है। पानी के लिए लोगों के बीच मेें धक्का मुक्की शुरू होने लगी है। टैंकर पहुंचते ही लोग खाली बर्तन लेकर सड़क पर पहुंच रहे हैं। 
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जल संस्थान की ओर से पानी की समस्या को दूर करने के लिए प्रतिदिन टैंकर और पिकप से पानी वितरण किया जा रहा है। उसके बाद भी लोगों की पानी की आवश्यकता पूरी नहीं हो पा रही है। टैंकर और पिकप से पानी भरने के बाद भी ग्रामीण हैंडपंप, धारे, नौले और गधेरों का रुख कर रहे हैं। इन दिनों गधेरों में भी कपड़े धोने वालों की कतार लगी है। 
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धौन क्षेत्र में दो किमी दूर गधेरे से पानी ढो रहे हैं ग्रामीण
चंपावत। जिला मुख्यालय से 13 किलोमीटर दूर ग्रामीण क्षेत्र धौन में भी पेयजल किल्लत बनी हुई है। टैंक की मरम्मत नहीं होने से काफी पानी लीकेज हो रहा है। ग्रामीणों को धौन से दो किमी दूर गधेरे से पानी ढोना पड़ रहा है। उसी स्थान से चंपावत मुख्यालय में भी टैंकर और पिकप से पेयजल आपूर्ति की जा रही है। ग्रामीणों ने पेयजल टैंक ठीक नहीं होने पर इस बार पानी का बिल नहीं देने का मन बना लिया है। उन्होंने कहा कि टैंक की मरम्मत होने और नलों में पानी आने के बाद ही पानी का बिल जमा किया जाएगा। 
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सीमांत गांवों में भी गहराया पेयजल संकट
चंपावत। जिले के सीमांत तल्लादेश के कई गांवों में भी पेयजल संकट गहराया हुआ है। जल संस्थान की ओर से बनाई गई अधिकतर पेयजल योजनाओं में एक बूंद भी पानी नहीं टपक रहा है। ग्रामीण भुवन चंद्र जोशी, मदन कुमार आदि ने बताया कि ग्रामीणों को नौलों और गाड़- गधेरों का दूषित पानी पीना पड़ रहा है। 

एक घंटे में पहुंच रहा दो हजार लीटर पानी
चंपावत। जिले में अब गधेरों में भी पानी कम होने लगी है। धौन गधेरे में पानी कम होने से टैंकर और पिकप को भरने में आधे घंटे से अधिक का समय लग रहा है। गधेरे में पानी कम होने से पिकप दो चक्कर लगा रही है।

चंपावत बाजार में दो हजार लीटर पानी धौन से लाने में इन दिनों एक घंटे से अधिक का समय लग रहा है। पानी की कमी के चलते टैंकर और पिकप पहुंचते ही लोगों का जमावड़ा लग रहा है। जल्दबाजी के चलते पानी भरने में लोग 100 से 150 लीटर पानी बर्बाद कर रहे हैं।


जल संस्थान पानी की समस्या को दूर करने के लिए घर-घर जाकर पानी तो वितरण कर रहा है लेकिन समय पर नहीं पहुंचने से समय की बर्बादी भी हो रही है। पानी के इंतजार में लोग घंटों पहले से रोड पर बर्तन लेकर खड़े हो जाते है। जल संस्थान के जेई किशोर पंत ने बताया कि धौन गधेरे में भी गर्मी के चलते पानी कम होने लगा है। उन्होंने कहा कि दो हजार लीटर पानी भरने में आधे घंटे से अधिक का समय गधेरे में ही लग रहा है।
 
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