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विकास की अनदेखी से नाराज सीमांत के ग्रामीणों की हुंकार
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लोहाघाट (चंपावत)। नेपाल सीमा से लगे गुमदेश क्षेत्र में निडिल और पीपलखान गांव के ग्रामीणों ने सीमावर्ती क्षेत्रीय विकास कार्यक्रम (बीएडीपी) के तहत सीमांत क्षेत्र की अनदेखी का आरोप लगाया है। सांकेतिक प्रदर्शन कर विकास योजनाओं के लिए सीमांत को प्राथमिकता देने की मांग की गई। अन्यथा आंदोलन की चेतावनी दी गई।
ग्रामीणों का कहना था कि सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण इस दूरस्थ क्षेत्र के लोगों की न तो जनप्रतिनिधि सुध लेते हैं और न ही प्रशासनिक अधिकारी। यहां के गांवों में स्ट्रीट लाइट न होने से ग्रामीणों को रात में आते-जाते समय काफी परेशानियां होतीं हैं। आंबेडकर गांव पीपल खान में लोगों को सरकारी आवास भी नहीं मिल पा रहे हैं। मजदूरी कर जैसे-तैसे परिवार पालने वाले लोगों को बीपीएल राशनकार्ड के लिए तरसना पड़ रहा है। क्षेत्र में कोई डिग्री कॉलेज न होने से बालिकाएं इंटर के आगे की पढ़ाई नहीं कर पाती है। व्यावसायिक शिक्षा के लिए कोई आईटीआई तक नहीं है। पेयजल समस्या झेल रहे कालूड़ा तोक के लोगों ने जल संस्थान से टैंकरों से पानी उपलब्ध कराने की मांग की। ग्रामीणों ने समस्याओं का समाधान जल्द न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। इस मौके पर किसान यूनियन के जिला संयोजक राजेंद्र पुनेठा, प्रताप सामंत, जोगा राम, गोविंद सिंह, जीवन सिंह, दीपक पांडेय, मनी देवी आदि थे।
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ग्रामीणों का कहना था कि सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण इस दूरस्थ क्षेत्र के लोगों की न तो जनप्रतिनिधि सुध लेते हैं और न ही प्रशासनिक अधिकारी। यहां के गांवों में स्ट्रीट लाइट न होने से ग्रामीणों को रात में आते-जाते समय काफी परेशानियां होतीं हैं। आंबेडकर गांव पीपल खान में लोगों को सरकारी आवास भी नहीं मिल पा रहे हैं। मजदूरी कर जैसे-तैसे परिवार पालने वाले लोगों को बीपीएल राशनकार्ड के लिए तरसना पड़ रहा है। क्षेत्र में कोई डिग्री कॉलेज न होने से बालिकाएं इंटर के आगे की पढ़ाई नहीं कर पाती है। व्यावसायिक शिक्षा के लिए कोई आईटीआई तक नहीं है। पेयजल समस्या झेल रहे कालूड़ा तोक के लोगों ने जल संस्थान से टैंकरों से पानी उपलब्ध कराने की मांग की। ग्रामीणों ने समस्याओं का समाधान जल्द न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। इस मौके पर किसान यूनियन के जिला संयोजक राजेंद्र पुनेठा, प्रताप सामंत, जोगा राम, गोविंद सिंह, जीवन सिंह, दीपक पांडेय, मनी देवी आदि थे।
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