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ग्राम प्रधानों ने 12 सूत्रीय मांगों को लेकर विकास भवन में भरी हुंकार
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चंपावत। जिला प्रधान संगठन के 12 सूत्री मांगों के लिए जिला मुख्यालयों में धरना, प्रदर्शन किया। डीएम कार्यालयों के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजे। कहा कि अगर समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो 21 जुलाई को पूरे प्रदेश में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि एक जुलाई से आंदोलन किया जा रहा है लेकिन शासन-प्रशासन ने उनकी बात नहीं सुनी। सीएम को ज्ञापन भी भेजा गया। इसमें सीएससी को प्रतिमाह ढाई हजार रुपये दिलाने का आदेश वापस लाने, ग्राम प्रधानों को 10 हजार रुपये मासिक वेतन और पांच हजार रुपये पेंशन दिलाने, 15वें वित्त में हो रही भारी कटौती पर शीघ्र रोक लगाने, 73वें संविधान संशोधन के अनुरूप 29 विषयों को ग्राम प्रधानों को हस्तांतरित करने, मनरेगा में कार्यदिवस सौ से बढ़ाकर 200 दिन करने, जेई और कंप्यूटर ऑपरेटरों की नियुक्ति, ग्राम्य विकास विभाग और पंचायतराज विभाग का एकीकरण, ग्राम पंचायतों को आपदा मद में पांच लाख रुपये की राशि दिलाने की मांग की। चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं तो 21 जुलाई को पूरे प्रदेश में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इस मौके पर बसंत खर्कवाल, गुड्डी देवी, हीरा चौधरी, जीवन चंद्र, आशा मौनी, खिलानंद भट्ट, सरिता अधिकारी आदि रहे।
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उन्होंने कहा कि एक जुलाई से आंदोलन किया जा रहा है लेकिन शासन-प्रशासन ने उनकी बात नहीं सुनी। सीएम को ज्ञापन भी भेजा गया। इसमें सीएससी को प्रतिमाह ढाई हजार रुपये दिलाने का आदेश वापस लाने, ग्राम प्रधानों को 10 हजार रुपये मासिक वेतन और पांच हजार रुपये पेंशन दिलाने, 15वें वित्त में हो रही भारी कटौती पर शीघ्र रोक लगाने, 73वें संविधान संशोधन के अनुरूप 29 विषयों को ग्राम प्रधानों को हस्तांतरित करने, मनरेगा में कार्यदिवस सौ से बढ़ाकर 200 दिन करने, जेई और कंप्यूटर ऑपरेटरों की नियुक्ति, ग्राम्य विकास विभाग और पंचायतराज विभाग का एकीकरण, ग्राम पंचायतों को आपदा मद में पांच लाख रुपये की राशि दिलाने की मांग की। चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं तो 21 जुलाई को पूरे प्रदेश में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इस मौके पर बसंत खर्कवाल, गुड्डी देवी, हीरा चौधरी, जीवन चंद्र, आशा मौनी, खिलानंद भट्ट, सरिता अधिकारी आदि रहे।
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