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टूटे मकान में खतरे के बीच कट रही रात...
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गोली गांव में वजीर राम का परिवार आपदा के बाद से इस हाल में रह रहा है। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत। चंपावत ब्लॉक की गोली ग्राम पंचायत में खतरे के बीच एक परिवार के 11 सदस्य आपदा में टूटे मकान में रहने के लिए मजबूर हैं। बेहद जोखिम के बावजूद प्रशासन की ओर से पर्याप्त राहत नहीं पहुंचाई गई है।
पिछले साल 17 अक्तूबर से तीन दिन तक हुई बारिश में गोली गांव के गंगा राम के मकान की दीवार टूट गई। उनके परिजन कृष्ण राम, हेमलता आदि लोगों का कहना है कि इसकी सूचना आपदा प्रबंधन विभाग, प्रशासनिक अमले से लेकर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन को दी गई लेकिन शिकायत दर्ज कराने के बावजूद पिछले साल उन्हें सिर्फ 3800 रुपये की सहायता मिली। बीपीएल श्रेणी का परिवार होने के कारण उन्होंने गोशाला या आवास योजना का अनुदान दिलाने की मांग की। आवास के लिए ग्राम पंचायत की खुली बैठक में दो बार प्रस्ताव भी पास किया गया।
अब इस परिवार ने टूटे मकान की मरम्मत के लिए पर्याप्त मदद समेत आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग की है। अन्यथा आंदोलन की चेतावनी दी है। वहीं बीडीओ केके पांडे ने बताया कि आपदा में हुए नुकसान के मुआवजे के रूप में मानक के तहत 3800 रुपये की सहायता दी गई है। मनरेगा से गोशाला निर्माण करा प्रभावित परिवार को आवास योजना में शामिल करने का प्रयास किया जाएगा।
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पिछले साल 17 अक्तूबर से तीन दिन तक हुई बारिश में गोली गांव के गंगा राम के मकान की दीवार टूट गई। उनके परिजन कृष्ण राम, हेमलता आदि लोगों का कहना है कि इसकी सूचना आपदा प्रबंधन विभाग, प्रशासनिक अमले से लेकर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन को दी गई लेकिन शिकायत दर्ज कराने के बावजूद पिछले साल उन्हें सिर्फ 3800 रुपये की सहायता मिली। बीपीएल श्रेणी का परिवार होने के कारण उन्होंने गोशाला या आवास योजना का अनुदान दिलाने की मांग की। आवास के लिए ग्राम पंचायत की खुली बैठक में दो बार प्रस्ताव भी पास किया गया।
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अब इस परिवार ने टूटे मकान की मरम्मत के लिए पर्याप्त मदद समेत आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग की है। अन्यथा आंदोलन की चेतावनी दी है। वहीं बीडीओ केके पांडे ने बताया कि आपदा में हुए नुकसान के मुआवजे के रूप में मानक के तहत 3800 रुपये की सहायता दी गई है। मनरेगा से गोशाला निर्माण करा प्रभावित परिवार को आवास योजना में शामिल करने का प्रयास किया जाएगा।
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