फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   Vayu Rath Mahotsav Vayurath crossed the inaccessible paths without ropes

Vayu Rath Mahotsav: बिना रस्सों के सहारे वायुरथ ने किया दुर्गम रास्तों को पार, भक्तों ने लिया मां का आशीर्वाद

Sat, 13 Aug 2022 06:07 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लोहाघाट (चंपावत)।
संवाद न्यूज एजेंसी, लोहाघाट (चंपावत)। Published by: हल्द्वानी ब्यूरो Updated Sat, 13 Aug 2022 06:07 PM IST
सार

वायुरथ महोत्सव आस्था का सैलाब उमड़ा। मंदिर में पारंपरिक पूजा संपन्न होने के बाद सभी देवडांगरों को अंगवस्त्र भेंट किए गए। मां भगवती के रथ ने 52 बेतालों एवं 64 योगनियों के साथ बिना रस्सों के सहारे वायुरथ यात्रा प्रारंभ की।

विज्ञापन
Vayu Rath Mahotsav Vayurath crossed the inaccessible paths without ropes
सुंई बिशुंग के के आषाढ़ी महोत्सव में वायुरथ को ले जाते जाते श्रद्धालु। - फोटो : LOHAGHAT

विस्तार

सुंई बिशुंग के आषाढ़ी वायुरथ महोत्सव के अंतिम दिन शुक्रवार को मां भगवती की वायुरथ यात्रा निकाली गई जिसमें सैकड़ों लोगों ने मां का आशीर्वाद लिया। चारद्योली के समस्त आयुधों को देवडांगरों द्वारा आदित्य महादेव मंदिर में लाया गया। हवन के बाद दूध एवं पवित्र जल से स्नान कराकर देवडांगरों ने अवतरित होकर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया।

विज्ञापन


मंदिर में पारंपरिक पूजा संपन्न होने के बाद सभी देवडांगरों को अंगवस्त्र भेंट किए गए। उसके बाद यहां मां भगवती की गुप्त प्यौली को आदित्य महादेव मंदिर प्रांगण में परिक्रमा कराई गई। मां भगवती के रथ ने 52 बेतालों एवं 64 योगनियों के साथ बिना रस्सों के सहारे वायुरथ यात्रा प्रारंभ की।
विज्ञापन


वायुरथ को मंदिर से गलचौड़ा, पऊ, चनकांडे, डुंगरी से होते हुए द्यौलागढ़ में लाया गया जहां देवडांगरों ने दूध और चावल की गाल खाई। उसके बाद खैसकांडे होते हुए उखा कोट की दुर्गम पहाड़ी को पार करते हुए बीस गांव बिशुंग की परिक्रमा के लिए निकला।
विज्ञापन
विज्ञापन


बेतालों ने जगह-जगह दूध और चावल की गाल खाई। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने मां भगवती की रथयात्रा में अक्षत और पुष्प वर्षा की। जैसे ही वायुरथ बिशुुंग क्षेत्र में पहुंचा समूचा वातावरण मां के जयकारे से गूंज उठा। बिशुंग टाक में कुछ देर के लिए वायुरथ रुका जहां देवडांगरों ने स्नान किया।


ये भी पढ़ें...UKSSSC: पेपर लीक मामले में एसटीएफ ने नकल माफिया गैंग की अहम कड़ी को पकड़ा, हिरासत में आरोपी शिक्षक ने खोले राज

रथ में सुंई बिशुंग के लोगों ने अपने निर्धारित स्थानों से कंधा दिया। उसके बाद रथ देर रात सुंई के आदित्य महादेव मंदिर पहुंचा जहां मां भगवती एवं आदित्य महादेव की संयुक्त पूजा-अर्चना और आरती की गई। आरती करने के बाद प्यौला अपने गंतव्य स्थान मां भगवती मंदिर चौबेगांव की ओर ले जाया गया। प्रसाद वितरण के साथ देवडांगरों ने मनोकामना, सुख, शांति, समृद्धि का आशीर्वाद दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed