फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   Uttarakhand News Site engineer and carpenter Died after fell into septic tank of girls hostel In Champawat

चंपावत में हादसा: निर्माणाधीन गर्ल्स हॉस्टल के सेप्टिक टैंक में उतरे साइट इंजीनियर और कारपेंटर, दोनों की मौत

Sun, 07 Sep 2025 09:51 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, टनकपुर (चंपावत)
संवाद न्यूज एजेंसी, टनकपुर (चंपावत) Published by: अलका त्यागी Updated Sun, 07 Sep 2025 09:51 PM IST
सार

दोपहर में निर्माणाधीन गर्ल्स हॉस्टल का पहले एक टैंक को खोला गया। इसके बाद दोनों दूसरे टैंक में घुसे तो वहां बनी गैस की चपेट में आ गए।

विज्ञापन
Uttarakhand News Site engineer and carpenter Died after fell into septic tank of girls hostel In Champawat
साइट इंजीनियर और कारपेंटर की मौत - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

डाॅ. एपीजे अब्दुल कलाम इंजीनियरिंग काॅलेज के निर्माणाधीन गर्ल्स हॉस्टल के सेप्टिक टैंक की शटरिंग खोलकर उतरे कार्यदायी संस्था के साइट इंजीनियर और कारपेंटर की टैंक में गैस लगने से मौत हो गई। दोनों को निकालकर अस्पताल पहुंचाया जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शवों को मोर्चरी में रखवाने के साथ ही उनके परिजनों को सूचना दे दी है।

विज्ञापन


सीओ वंदना वर्मा ने बताया कि रविवार दोपहर करीब 3:30 बजे कॉलेज के निर्माणाधीन गर्ल्स हाॅस्टल के सेप्टिक टैंक में कार्यदायी संस्था रामपुर की अग्रवाल कंस्ट्रक्शन कंपनी के साइट इंजीनियर मूल निवासी ग्राम चगेटी, तहसील भनोली निवासी और हाल निवासी घसियारामंडी शिवराज चौहान (28) पुत्र प्रेम सिंह और नौगवां बीसलपुर, पीलीभीत (यूपी) निवासी हसन (24) पुत्र तौकीर रजा के सेप्टिक टैंक में अचेत पड़े होने की सूचना मिली।
विज्ञापन


इस पर कोतवाल चेतन रावत के नेतृत्व के एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, फायर और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। दोनों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया जहां डाॅ. मानवेंद्र शुक्ला ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। अस्पताल पहुंचे साथी कर्मियों और रिश्तेदारों ने बताया कि करीब पांच माह पहले ही सेप्टिक टैंक बना दिया गया था लेकिन उनके एक साथ जुड़े तीन टैंकों को बारिश के चलते नहीं खोला जा सका था। टैंक में एक फुट से अधिक पानी भरा था।
विज्ञापन
विज्ञापन


Uttarakhand: ऑपरेशन कालनेमि...अब तक 5500 का हुआ सत्यापन, और अधिक प्रभावी ढंग से चलाया जाएगा अभियान

साथी कर्मियों ने बताया कि दोपहर में पहले एक टैंक को खोला गया। इसके बाद दोनों दूसरे टैंक में घुसे तो वहां बनी गैस की चपेट में आ गए। काफी देर तक उनके न निकलने पर अन्य कर्मियों ने आवाज दी। उनके बाहर न आने पर जब देखा तो दोनों वहां अचेत पड़े थे। सीओ ने अस्पताल में मृतकों के साथी कर्मियों से घटना की जानकारी ली।

घर का इकलौता चिराग था साइट इंजीनियर शिवराज

मृतक साइट इंजीनियर शिवराज चौहान और कारपेंटर हसन दोनों ही अविवाहित थे। हादसे की सूचना मिलते ही परिजन और परिचित शोक में डूब गए। दोनों के साथी कर्मियों ने बताया कि नवनिर्मित सेप्टिक टैंक में तीन चैंबर बने हैं। इसमें से पहले चैंबर की शटरिंग को तोड़ने के बाद वे दोनों दूसरे टैंक में गए। मृतक इंजीनियर के रिश्तेदार पवन ने बताया कि शिवरात परिवार का इकलौता चिराग था। उनकी तीन बहनें हैं, जिनकी शादी हो चुकी है, शिवराज अविवाहित था। कारपेंटर हसन के रिश्तेदार सलमान आदि ने बताया कि हसन भी अविवाहित था। परिवार में तीन भाइयों में मो. रजा और अहमद रजा के बाद वह सबसे छोटा था। बताया जा रहा है कि पांच माह से चैंबर बंद होने से उसमें गैस बन गई थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed