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उत्तराखंड की जमीन को बचाने के लिए भूकानून बने

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 06 Nov 2022 10:21 PM IST
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Uttarakhand Andolankari Meeting in Champawat
चंपावत में मंत्रणा करते राज्य आंदोनकारी। संवाद - फोटो : CHAMPAWAT
चंपावत। राज्य आंदोलनकारियों ने उत्तराखंड में भू कानून शीघ्र लागू करने की मांग की है। राज्य आंदोलनकारी बसंत तड़ागी की अध्यक्षता में रविवार को एक होटल में हुई बैठक में मुख्य वक्ता वरिष्ठ आंदोलनकारी नवीन मुरारी ने कहा कि इस कानून के बगैर प्रदेश की जमीन बाहरी लोगों के कब्जे में चली जाएगी। आंदोलनकारियों ने विधानसभा सीटों के आगामी परिसीमन में आबादी के साथ ही क्षेत्रफल को भी आधार बनाने की मांग की।
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आंदोलनकारियों ने कहा कि आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था अधिनियम (मीसा) बंदियों की तरह चिह्नित आंदोलनकारियों को राज्य संपत्ति गृह में न्यूनतम मूल्य पर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। राजकीय विकास योजनाओं की बैठकों में राज्य आंदोलनकारियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। राजकीय सेवा में कार्यरत राज्य आंदोलनकारियों को सेवानिवृत्ति पर पेंशन देने की मांग की गई।
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राज्य आंदोलनकारियों के प्रति बेरुखी पर आंदोलनकारियों ने नाराजगी जताई। कहा कि राज्य स्थापना की दिवस पर शहीद आंदोलनकारियों को शहीद स्मारक में याद किया जाएगा। वंचित राज्य आंदोलनकारियों के चिह्नीकरण के लिए संघर्ष करने की बात कही गई। संगठन ने सभी भर्ती घोटालों और अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग की। राजू गड़कोटी ने संचालन किया। बैठक में दीपक मुरारी, दीपक तड़ागी लारा, नवीन खर्कवाल, दिनेश पांडे, प्रहलाद मेहता, ललित गोस्वामी, किशन गिरी, डीके पांडे, सुरेश ढेक, बृजेश मेहरा, हरीश चौधरी आदि थे।
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