{"_id":"5893739a4f1c1b9c35e8096e","slug":"utilization-of-land-is-barren","type":"story","status":"publish","title_hn":"निष्प्रयोज्य बंजर भूमि के उपयोग की कवायद तेज ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निष्प्रयोज्य बंजर भूमि के उपयोग की कवायद तेज
ब्यूरो/अमर उजाला, टनकपुर (चंपावत)।
Updated Thu, 02 Feb 2017 11:29 PM IST
विज्ञापन
बंजर भूमि का हो सदुपयोग
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
टनकपुर (चंपावत)। वन विभाग ने निष्प्रयोज्य बंजर भूमि के उपयोग को लेकर कवायद तेज कर दी है। लोगों के सुझाव पर बंजर भूमि के उपयोग की रणनीति बनाने के लिए विभाग ने गोष्ठी के आयोजनों का सिलसिला शुरू किया है। इसी क्रम में बृहस्पतिवार को हल्द्वानी वन प्रभाग के शारदा रेंज ने गोष्ठी आयोजित कर बंजर भूमि के उपयोग के लिए सुझाव एकत्र किए हैं।
विज्ञापन
वन विभाग के विश्राम भवन परिसर में हुई गोष्ठी में विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों ने महात्मा गांधी हाईस्कूल के छात्र-छात्राओं के साथ विचार साझा किए। ज्यादातर छात्र-छात्राओं ने वन भूमि को पर्यावरण संरक्षण में उपयोग करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि यदि वन विभाग के पास बंजर यानि निष्प्रयोज्य भूमि है तो उसमें प्लांटेशन कर जंगल विकसित किया जाए ताकि वनों से होने वाले फायदों का लाभ संबंधित क्षेत्र के लोगों को मिल सके।
विज्ञापन
उन्होंने बंजर भूमि के बेहतर उपयोग की सलाह दी। गोष्ठी में ऐसे कम सुझाव आए कि बंजर भूमि को वन अधिनियम से मुक्त कर स्थानीय स्तर पर विकास कार्योें में प्रयोज्य किया जाए। गोष्ठी में वन दरोगा दान सिंह भाकुनी, वन आरक्षी तृप्ति धुमियाल, कैलाश सिंह, भावना वर्मा, कविता पांडेय आदि थे।
विज्ञापन