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एक साल पहले विलोपित हुई थी घोषणा, अब फिर एलान हुआ
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टनकपुर का रोडवेज स्टेशन। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : TANAKPUR
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चंपावत/टनकपुर। चंपावत जिले के टनकपुर में रोडवेज बस कार्यशाला को केंद्रीय कार्यशाला बनाने के लिए 18 जुलाई 2017 और 28 अप्रैल 2022 को दो बार घोषणा हो चुकी है जबकि पिछले साल इसे विलोपित कर दिया गया था।
उत्तराखंड रोडवेज का क्षेत्रीय कार्यालय टनकपुर उत्तर प्रदेश के दौर में संचालित 16 कार्यालयों में से एक है। तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने टनकपुर में ही 18 जुलाई 2017 को टनकपुर स्थित बस कार्यशाला को केंद्रीय कार्यशाला में बदलने का घोषणा की थी लेकिन शासन ने जुलाई 2021 में इस घोषणा को विलोपित कर दिया था। इसलिए अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 28 अप्रैल को दूसरी बार इसका एलान किया है। मुख्यमंत्री धामी के चंपावत सीट से दावेदारी के कारण इस घोषणा के पूरी होने की उम्मीद बढ़ गई है। इसलिए रोडवेज के कर्मचारी नेताओं का कहना है कि केंद्रीय कार्यशाला से रोडवेज का आधारभूत ढांचा मजबूत होगा। इससे क्षेत्र का कारोबार भी बढ़ेगा।
आधुनिक बस स्टेशन का एलान भी विलोपित, पुराने स्टेशन में ही खड़ी होती हैं बसें
चंपावत। तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने 23 अक्तूबर 2019 को कार्यशाला परिसर में आधुनिक बस स्टेशन के निर्माण का एलान किया था लेकिन इस घोषणा को पिछले साल विलोपित कर दिया गया। इसलिए अब भी टनकपुर में 1960 में बने स्टेशन में ही बस खड़ी होती है। चंपावत और पिथौरागढ़ जिले का सबसे बड़ा और सबसे पुराना रोडवेज स्टेशन टनकपुर में है। बस स्टेशन की बमुश्किल 18 बस खड़ी होने की ही क्षमता है। स्टेशन का विस्तार न होने से बसों को खड़ा करने के साथ यात्री सुविधा भी प्रभावित हो रही है।
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उत्तराखंड में रोडवेज का नहीं हुआ सुधार
चंपावत। उत्तराखंड राज्य बनने के बाद रोडवेज की स्थिति सुधरने के बजाय कमजोर हुई है। बस बेड़े में भी 20 प्रतिशत की कमी आई है। टनकपुर कार्यशाला से संबद्ध तीन (टनकपुर, लोहाघाट, पिथौरागढ़) डिपो की 150 से अधिक बस सेवाएं पांच हजार से अधिक यात्रियों को रोजाना उनकी मंजिल तक पहुंचाती हैं। इसके बावजूद तीनों डिपो पुराने ढर्रे पर चल रहे हैं। इनमें खास सुधार भी नहीं हुआ है।
टनकपुर रोडवेज की कार्यशाला को केंद्रीय कार्यशाला में बदलने सहित मुख्यमंत्री की विभिन्न घोषणाओं की शासन से सूची मिलने के बाद कार्रवाई शुरू की जाएगी। - हिमांशु कफल्टिया, एसडीएम, टनकपुर।
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उत्तराखंड रोडवेज का क्षेत्रीय कार्यालय टनकपुर उत्तर प्रदेश के दौर में संचालित 16 कार्यालयों में से एक है। तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने टनकपुर में ही 18 जुलाई 2017 को टनकपुर स्थित बस कार्यशाला को केंद्रीय कार्यशाला में बदलने का घोषणा की थी लेकिन शासन ने जुलाई 2021 में इस घोषणा को विलोपित कर दिया था। इसलिए अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 28 अप्रैल को दूसरी बार इसका एलान किया है। मुख्यमंत्री धामी के चंपावत सीट से दावेदारी के कारण इस घोषणा के पूरी होने की उम्मीद बढ़ गई है। इसलिए रोडवेज के कर्मचारी नेताओं का कहना है कि केंद्रीय कार्यशाला से रोडवेज का आधारभूत ढांचा मजबूत होगा। इससे क्षेत्र का कारोबार भी बढ़ेगा।
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आधुनिक बस स्टेशन का एलान भी विलोपित, पुराने स्टेशन में ही खड़ी होती हैं बसें
चंपावत। तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने 23 अक्तूबर 2019 को कार्यशाला परिसर में आधुनिक बस स्टेशन के निर्माण का एलान किया था लेकिन इस घोषणा को पिछले साल विलोपित कर दिया गया। इसलिए अब भी टनकपुर में 1960 में बने स्टेशन में ही बस खड़ी होती है। चंपावत और पिथौरागढ़ जिले का सबसे बड़ा और सबसे पुराना रोडवेज स्टेशन टनकपुर में है। बस स्टेशन की बमुश्किल 18 बस खड़ी होने की ही क्षमता है। स्टेशन का विस्तार न होने से बसों को खड़ा करने के साथ यात्री सुविधा भी प्रभावित हो रही है।
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उत्तराखंड में रोडवेज का नहीं हुआ सुधार
चंपावत। उत्तराखंड राज्य बनने के बाद रोडवेज की स्थिति सुधरने के बजाय कमजोर हुई है। बस बेड़े में भी 20 प्रतिशत की कमी आई है। टनकपुर कार्यशाला से संबद्ध तीन (टनकपुर, लोहाघाट, पिथौरागढ़) डिपो की 150 से अधिक बस सेवाएं पांच हजार से अधिक यात्रियों को रोजाना उनकी मंजिल तक पहुंचाती हैं। इसके बावजूद तीनों डिपो पुराने ढर्रे पर चल रहे हैं। इनमें खास सुधार भी नहीं हुआ है।
टनकपुर रोडवेज की कार्यशाला को केंद्रीय कार्यशाला में बदलने सहित मुख्यमंत्री की विभिन्न घोषणाओं की शासन से सूची मिलने के बाद कार्रवाई शुरू की जाएगी। - हिमांशु कफल्टिया, एसडीएम, टनकपुर।