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टेंडर हुए दो साल गुजरे पर पुल निर्माण शुरू नहीं
Sun, 06 Jan 2019 10:43 PM IST
kamlesh kamlesh
अमर उजाला ब्यूरो, टनकपुर (चंपावत)।
अमर उजाला ब्यूरो, टनकपुर (चंपावत)।
Published by: kamlesh kamlesh
Updated Sun, 06 Jan 2019 10:43 PM IST
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चूका में बनने वाले पुल के पिलर के लिए किया गया गड्ढा।
- फोटो : AMAR UJALA
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जौलजीबी मार्ग पर नेपाल सीमा पर प्रस्तावित प्री-स्ट्रेस्ट बाक्स गार्डर ब्रिज का निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं हो पाया है, जबकि चूका में बनने वाले इस पुल का टेंडर हुए दो वर्ष हो चुके हैं। टेंडर के मुताबिक पुल का निर्माण 20 जून 2019 तक पूरा किया जाना था।
ब्रिडकुल के दिशा-निर्देश पर चूका और सीम गांव को जोड़ने वाले (सीमा के बीच बनने वाला) पुल के टेंडर और वर्क आर्डर के दो वर्ष हो चुके हैं, लेकिन पुल निर्माण शुरू नहीं हुआ है, जबकि पुल के दोनों ओर किमी 29 और 30 के बीच सड़कों का निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा है। वहीं, पुल निर्माण में हो रही देरी से ग्रामीणों को रोष है। बताया गया है कि उक्त पुल के निर्माण के बाद जौलजीबी जाने वाले वाहनों को पानी और बाढ़ से निजात मिलेगी। भाजपा किसान मोर्चा के जिला महामंत्री और क्षेत्र पंचायत के पूर्व सदस्य बच्चन सिंह अधिकारी ने कहा कि पुल का निर्माण शीघ्र नहीं किया गया तो ग्रामीण उग्र आंदोलन करेंगे। ग्रामीणों ने तय किया है कि वे शीघ्र ही इस संबंध में मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर पुल निर्माण की कार्यदायी संस्था को बदलने की मांग करेंगे।
बता दें कि 690 मीटर लंबे टू लेन पुल की इस्टीमेट लागत 30.83 करोड़ रुपये है। टेंडर के बाद इसका वर्क आर्डर 21 दिसंबर 2017 को धनंजय गिरि एवं नरेंद्र देव कंपनी को (27.56 करोड़ रुपये) दिया गया। पुल का निर्माण 18 माह में 20 जून 2019 तक पूरा किया जाना है, लेकिन अब तक कंपनी ने केवल पुल के पिलर के लिए नाममात्र को एक गड्डा बनाया है।
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कोट---
पुल निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए गए हैं, कार्य शुरू करा दिया गया है। बरसात आदि के चलते पुल निर्माण कार्य शुरू करने में देरी हुई है। -आशुतोष सोनी, प्रोजेक्ट मैनेजर, ब्रिडकुल, हल्द्वानी यूनिट।
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ब्रिडकुल के दिशा-निर्देश पर चूका और सीम गांव को जोड़ने वाले (सीमा के बीच बनने वाला) पुल के टेंडर और वर्क आर्डर के दो वर्ष हो चुके हैं, लेकिन पुल निर्माण शुरू नहीं हुआ है, जबकि पुल के दोनों ओर किमी 29 और 30 के बीच सड़कों का निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा है। वहीं, पुल निर्माण में हो रही देरी से ग्रामीणों को रोष है। बताया गया है कि उक्त पुल के निर्माण के बाद जौलजीबी जाने वाले वाहनों को पानी और बाढ़ से निजात मिलेगी। भाजपा किसान मोर्चा के जिला महामंत्री और क्षेत्र पंचायत के पूर्व सदस्य बच्चन सिंह अधिकारी ने कहा कि पुल का निर्माण शीघ्र नहीं किया गया तो ग्रामीण उग्र आंदोलन करेंगे। ग्रामीणों ने तय किया है कि वे शीघ्र ही इस संबंध में मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर पुल निर्माण की कार्यदायी संस्था को बदलने की मांग करेंगे।
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बता दें कि 690 मीटर लंबे टू लेन पुल की इस्टीमेट लागत 30.83 करोड़ रुपये है। टेंडर के बाद इसका वर्क आर्डर 21 दिसंबर 2017 को धनंजय गिरि एवं नरेंद्र देव कंपनी को (27.56 करोड़ रुपये) दिया गया। पुल का निर्माण 18 माह में 20 जून 2019 तक पूरा किया जाना है, लेकिन अब तक कंपनी ने केवल पुल के पिलर के लिए नाममात्र को एक गड्डा बनाया है।
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पुल निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए गए हैं, कार्य शुरू करा दिया गया है। बरसात आदि के चलते पुल निर्माण कार्य शुरू करने में देरी हुई है। -आशुतोष सोनी, प्रोजेक्ट मैनेजर, ब्रिडकुल, हल्द्वानी यूनिट।