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नेपाल में हाथी के हमले में दो महिलाओं की मौत
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नेपाल के कंचनपुर जिले में घास काटकर लौट रहीं महिलाओं पर हाथियों के झुंड ने हमला कर दिया। इनमें दो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि चार महिलाएं गंभीर रूप से जख्मी हो गईं। उन्हें खटीमा रेफर किया गया है।
बुधवार को बनबसा से 40 किमी दूर गढ़ीगोठ की सीमा से सटे नेपाल के दोधारा चांदनी गांव में हाथी ने बसंती भट्ट (40) और भूरी देवी बोहरा (50) को पटककर मार डाला। सुनीता बिष्ट, सरिता ओझा, ललिता बोहरा, उमा सांउद गंभीर रूप से जख्मी हो गईं।
महाकाली 2 चांदनी जनज्योति टोला अध्यक्ष मान बहादुर धामी ने बताया कि हाथियों ने घर से कुछ पहले ही हमला कर दिया था। महिलाओं के शोर मचाने पर ग्रामीणों ने आग जलाकर हाथियों के झुंड को भगाया। जख्मी महिलाओं को स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के बाद चारों घायलों को खटीमा रेफर कर दिया गया।
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नेपाल वन प्रमुख संरक्षक लक्ष्मण प्रसाद पौडयाल ने घटना की जांच के निर्देश दिए हैं। सूचना पर पूर्वी तराई वन प्रभाग खटीमा के रेंजर बीएस बिष्ट ने भारत-नेपाल सीमा पर पहुंच घटना की जानकारी जुटाई। इस घटना से नेपाल के अलावा भारतीय गढ़ीगोठ एवं मझगांव वासियों में भय व्याप्त है। देवीपुरा के प्रधान दीपक प्रकाश चंद और गुदमी की प्रधान विनीता राणा ने वन विभाग से जंगली जानवरों के ग्रामीण क्षेत्र में प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की है।
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बुधवार को बनबसा से 40 किमी दूर गढ़ीगोठ की सीमा से सटे नेपाल के दोधारा चांदनी गांव में हाथी ने बसंती भट्ट (40) और भूरी देवी बोहरा (50) को पटककर मार डाला। सुनीता बिष्ट, सरिता ओझा, ललिता बोहरा, उमा सांउद गंभीर रूप से जख्मी हो गईं।
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महाकाली 2 चांदनी जनज्योति टोला अध्यक्ष मान बहादुर धामी ने बताया कि हाथियों ने घर से कुछ पहले ही हमला कर दिया था। महिलाओं के शोर मचाने पर ग्रामीणों ने आग जलाकर हाथियों के झुंड को भगाया। जख्मी महिलाओं को स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के बाद चारों घायलों को खटीमा रेफर कर दिया गया।
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नेपाल वन प्रमुख संरक्षक लक्ष्मण प्रसाद पौडयाल ने घटना की जांच के निर्देश दिए हैं। सूचना पर पूर्वी तराई वन प्रभाग खटीमा के रेंजर बीएस बिष्ट ने भारत-नेपाल सीमा पर पहुंच घटना की जानकारी जुटाई। इस घटना से नेपाल के अलावा भारतीय गढ़ीगोठ एवं मझगांव वासियों में भय व्याप्त है। देवीपुरा के प्रधान दीपक प्रकाश चंद और गुदमी की प्रधान विनीता राणा ने वन विभाग से जंगली जानवरों के ग्रामीण क्षेत्र में प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की है।