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ड्राइवरों और हेल्परों के लिए बने राहत केंद्र
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अमर उजाला ब्यूरो
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चंपावत। चंपावत जिले में प्रशासनिक सूझबूझ से कोरोना संक्रमण को रोकने में अब तक मदद मिली है। जिले में एक भी संक्रमण का मामला नहीं है। इसके मद्देनजर जिला प्रशासन ने अब और अधिक एहतियात बरतना शुरू कर दिया है। प्रशासन ने सोमवार को बाहरी जिलों से आकर यहां रात्रि विश्राम करने वाले ट्रकों के ड्राइवरों और हेल्परों को आइसोलेट करने का निर्णय लिया है। डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय ने बताया सब्जी, किराना और अन्य जरूरी सामग्री को लेकर दूसरे जिलों से चंपावत जिले में दाखिल होने वाले ट्रकों के ड्राइवर व हेल्परों के विश्राम के लिए जिले में दो राहत केंद्र बनाए गए हैं। चंपावत में वन पंचायत सभागार के अलावा टनकपुर में भी केंद्र बनाया गया है। बाहरी जिलों से आने वाले ड्राइवर व हेल्पर चंपावत जिले में जितने भी वक्त रूकेंगे, उन्हें इन राहत केंद्रों में टिकाया जाएगा। जहां उनके भोजन की व्यवस्था होगी। उनके लिए मास्क का उपयोग अनिवार्य होगा। मास्क की व्यवस्था करने का जिम्मा एआरटीओ को दिया गया है। चंपावत जिले में ड्राइवरों व हेल्परों को अनिवार्य रूप से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा।
इनसेट::: चंपावत जिले में कुल 3955 क्वारंटीन :: चंपावत। चंपावत जिले में इस वक्त कुल 3955 लोग क्वारंटीन में हैं। इनमें से 87 लोग संस्थागत और 3868 लोग होम क्वारंटीन हैं। इसके अलावा एक व्यक्ति आइसोलेशन में है। 576 लोग जिले के दस राहत केंद्रों में हैं। वहीं अब तक चंपावत जिले से भेजे गए सभी 24 सैम्पलों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई हैं।
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