फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   Two orders are still not two steps ahead

दो-दो आदेश फिर भी दो कदम आगे नहीं सरकी सड़क

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 26 Jul 2020 11:03 PM IST
विज्ञापन
Two orders are still not two steps ahead
चंपावत। रोटी-बेटी के रिश्तों के बावजूद चंपावत जिले की टनकपुर से लगी नेपाल सीमा विवाद की वजह से चर्चा में है। इसी नेपाल सीमा से लगी निर्माणाधीन टीजे (टनकपुर-जौलजीबी) रोड के दूसरे पैकेज में निविदा विवाद के चलते करीब 35 महीने से काम लटका हुआ है। और तो और री-टेंडरिंग पर रोक हटने के दस महीने और आर्बिटेशन (मध्यस्थता)का फैसला आने के 54 दिन बाद भी कोई प्रगति नहीं है। न तो अभी तक आर्बिटेशन के निर्णय को चुनौती दी गई है और न ही काम शुरू नहीं हो सका है।
विज्ञापन

टीजे रोड के 24.40 किमी लंबे दूसरे पैकेज (चूका से रूपालीगाड़) को लेकर तीन सदस्यीय आर्बिटेशन (आर्बिटेटर एके सिंघल, एके बिष्ट और पवन कुमार) ने दो जून को ठेकेदार दिलीप सिंह अधिकारी को सात करोड़ सात लाख 64 हजार 696 रुपये देने का आदेश दिया था। आदेश आने के बाद लोहाघाट के विधायक पूरन सिंह फर्त्याल ने आर्बिटेशन के फैसले पर सवाल उठाते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की थी। इस मामले पर पीआईयू (परियोजना क्रियान्वयन इकाई) कुछ बोलने से बच रहा है। अलबत्ता सूत्रों के मुताबिक आर्बिटेशन के आदेश को देहरादून की जिला अदालत में चुनौती देने पर गंभीरता से विचार होने की बात सामने आई है। पीआईयू के ईई राजेश पुनेठा का कहना है कि दूसरे पैकेज को लेकर जो भी आदेश मिलेंगे, उसके अनुरूप कार्य किया जाएगा।
विज्ञापन

ये था विवाद
टीजे मोटर मार्ग के दूसरे पैकेज चूका से रूपालीगार पर फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर निविदा हासिल करने का आरोप लगा था। लोहाघाट के विधायक पूरन सिंह फर्त्याल द्वारा मामले को उठाने के बाद शासन की उच्च स्तरीय जांच में 2018 में आरोपों की पुष्टि हुई। साथ ही अगस्त में निविदा को निरस्त करने के साथ री-टेंडरिंग पर रोक लगा दी गई थी। सितंबर 2019 में री-टेंडरिंग पर लगी रोक हटी। और ठेकेदार पर लगे आरोप भी अदालत ने इस साल मार्च में खारिज कर दिए। जबकि दो जून को आर्बिटेशन ने मुआवजा देने का आदेश दिया था। वहीं री-टेंडरिंग में हीलाहवाली के चलते 7 जुलाई को दो अधीक्षण अभियंताओं को भी निलंबित किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

कोट
इस मसले पर सोमवार को देहरादून में मुख्यमंत्री से मुलाकात करूंगा। टनकपुर-जौलजीबी रोड के पुल को शुरू करवाने के साथ पैकेज दो में आर्बिटेशन के फैसले के खिलाफ तर्कपूर्ण कार्रवाई करने का आग्रह किया जाएगा। पुल के बगैर पैकेज दो में चूका से आगे के काम का कोई लाभ नहीं होगा।
पूरन सिंह फर्त्याल,
विधायक, लोहाघाट।
35 माह से बंद है चूका-रूपालीगाड़ मार्ग में काम
चंपावत। टीजे रोड के दूसरे पैकेज चूका से रूपालीगाड़ के बीच आखिरी बार काम 24 अगस्त 2017 को हुआ था। 25 अगस्त से यह काम बंद हो गया था और तबसे काम पर ब्रेक लगा हुआ है। जबकि नेपाल द्वारा पिछले महीने जारी किए गए नए राजनीतिक मानचित्र और टनकपुर में नो मैंसलैंड में हालिया विवाद के चलते रिश्तों की गरमाहट कम हुई है। ऐसे में इस रोड का महत्व और बढ़ जाता है।

नेपाल सीमा को विभाजित करने वाली काली नदी के समानांतर बनने वाली इस टीजे रोड का असल मकसद भी सुरक्षा चौकसी को पुख्ता करने और एसएसबी की बीओपी (बार्डर आउटपोस्ट) तक आधारभूत ढांचे को बेहतर करना था। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित बीओपी तक पहुंच को सुगम बनाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 135 किमी के टीजे मार्ग को मंजूरी दी थी। सीमा सुरक्षा के लिए इस इलाके में एसएसबी की 34 बीओपी में से 19 रोड से कटी हुई है। पंचेश्वर बांध के डूब क्षेत्र के चलते रूपालीगाड़ से आगे का काम पहले से ही लटका हुआ है। बस ठुलीगाड़ से चूका तक के 17.875 किमी के पहले पैकेज में ही रोड कटिंग और डामर का काम पूरा हो सका है। अलबत्ता चूका में बनने वाले पुल के अलावा पहले पैकेज में भी तीन पुल अभी बनने हैैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed