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मलबे की चपेट में आने से ध्वस्त हुई दो पेयजल योजनाएं
अमर उजाला ब्यूराे चंपावत।
Updated Sat, 03 Mar 2018 10:55 PM IST
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अमोड़ी के पास के गांव में इस तरह की पाइप लाइनों के टूटने से पेयजल आपूर्ति प्रभावित हुई।
- फोटो : अमर उजाला
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टनकपुर-पिथौरागढ़ के बीच निर्माणाधीन बारहमासी सड़क की कटिंग से निकले मलबे की चपेट में आने से अमोड़ी बाजार पेयजल योजना और तवा-बलुवागाड़ पेयजल योजनाएं ध्वस्त हो गई हैं। इससे अमोड़ी बाजार समेत कई गांवों में जल संकट गहरा गया है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क कटिंग के दौरान निकल रहे मलबे को निर्धारित डंपिंग जोन में फेंकने के बजाए आसपास के गांवों की भूमि में मलबा फेंका जा रहा है।
पेयजल समस्या से परेशान ग्रामीणों ने शनिवार को जिला पंचायत सदस्य उमाशंकर के समक्ष विरोध जताया। उनका कहना था कि कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधियों को बार बार अनुरोध करने पर भी मलबे का अनियंत्रित निस्तारण जारी है। ग्रामीणों के खेत खलिहानों में मलबा भरने के साथ ही अब उन्हें पीने के पानी की समस्या से भी जूझना पड़ रहा है। इस पर जिला पंचायत सदस्य ने डीएम डॉ.अहमद इकबाल से संपर्क कर समस्या की जानकारी दी। उनका कहना था कि अमोड़ी बाजार में कई कर्मचारी, शिक्षकों सहित अन्य सेवाओं में तैनात कर्मचारी निवास करते हैं।
अकारण पैदा हुई पेयजल समस्या से सभी लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जबकि एक दिन बाद शुरू हो रही बोर्ड परीक्षा के परीक्षार्थियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। इस पर डीएम ने राष्ट्रीय राजमार्ग के अभियंताओं के साथ ही संबंधित कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधियों को तत्काल क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनों की मरम्मत कर पेयजल आपूर्ति सुचारु करने के निर्देश दिए हैं।
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एएनएम सेंटर और जीआईसी धौन आए खतरे की जद में
चंपावत। जिला पंचायत सदस्य उमाशंकर भट्ट का कहना है कि बारहमासी सड़क निर्माण की कटिंग के कारण धौन जीआईसी और एएनएम सेंटर के भवन खतरे की जद में आ गए हैं। इन्हें जल्द ही अन्यत्र विस्थापित करने की जरूरत है। उनका कहना है कि अमोड़ी जीआईसी और शिशु मंदिर, प्राथमिक विद्यालय की भूमि में भी सड़क कटिंग का मलबा डाले जाने से ग्रामीण परेशान हैं।
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पेयजल समस्या से परेशान ग्रामीणों ने शनिवार को जिला पंचायत सदस्य उमाशंकर के समक्ष विरोध जताया। उनका कहना था कि कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधियों को बार बार अनुरोध करने पर भी मलबे का अनियंत्रित निस्तारण जारी है। ग्रामीणों के खेत खलिहानों में मलबा भरने के साथ ही अब उन्हें पीने के पानी की समस्या से भी जूझना पड़ रहा है। इस पर जिला पंचायत सदस्य ने डीएम डॉ.अहमद इकबाल से संपर्क कर समस्या की जानकारी दी। उनका कहना था कि अमोड़ी बाजार में कई कर्मचारी, शिक्षकों सहित अन्य सेवाओं में तैनात कर्मचारी निवास करते हैं।
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अकारण पैदा हुई पेयजल समस्या से सभी लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जबकि एक दिन बाद शुरू हो रही बोर्ड परीक्षा के परीक्षार्थियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। इस पर डीएम ने राष्ट्रीय राजमार्ग के अभियंताओं के साथ ही संबंधित कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधियों को तत्काल क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनों की मरम्मत कर पेयजल आपूर्ति सुचारु करने के निर्देश दिए हैं।
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एएनएम सेंटर और जीआईसी धौन आए खतरे की जद में
चंपावत। जिला पंचायत सदस्य उमाशंकर भट्ट का कहना है कि बारहमासी सड़क निर्माण की कटिंग के कारण धौन जीआईसी और एएनएम सेंटर के भवन खतरे की जद में आ गए हैं। इन्हें जल्द ही अन्यत्र विस्थापित करने की जरूरत है। उनका कहना है कि अमोड़ी जीआईसी और शिशु मंदिर, प्राथमिक विद्यालय की भूमि में भी सड़क कटिंग का मलबा डाले जाने से ग्रामीण परेशान हैं।