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नलकूप विभाग की लापरवाही से खेतखेड़ा में सूखा
ब्यूरो/अमर उजाला, टनकपुर
Updated Wed, 16 Sep 2015 10:29 PM IST
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मानसून विदा हो गया और बारिश की उम्मीद में थ्वालखेड़ा के खेतखेड़ा गांव मेें सूखे के हालात पैदा हो गए हैं। 50 से ज्यादा किसानों की डेढ़ बीघा में खड़ी धान की फसल फल लगने से पहले की सूख गई है। परेशान किसानों ने प्रशासन से मुुआवजे की गुहार लगाई है।
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वर्ष 2013 में आई बाढ़ से हुई तबाही में पूर्णागिरि मार्ग के थ्वालखेड़ा ग्राम पंचायत के खेतखेड़ा गांव की सिंचाई गूल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। दो साल बाद भी नलकूप विभाग द्वारा सिंचाई गूल का पुनर्निर्माण नहीं किए जाने से पूरे गांव के किसान सिंचाई व्यवस्था से वंचित हैं। इस बार बारिश भी कम हुई और सिंचाई की कोई और वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। खाने के साथ ही धान की उपज बेचने की उम्मीद लगाए बैठे किसानों की नलकूप विभाग की लापरवाही ने कमर तोड़ दी है। गांव के करीब 50 किसानों की डेढ़ सौ बीघा से ज्यादा भूमि पर लहलहाती धान की फसल सिंचाई के अभाव में दाना लगने से पहले ही सूख कर चौपट हो गई है।
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किसान पुष्कर दत्त जोशी की 10, रघुवर सिंह बोहरा की 20, गिरीश चिलकोटी की 10, कृष्ण सिंह महर की 10, गिरीश जोशी की 20, बोध सिंह की 20, राजेश बिहारी की 10, भीम सिंह की 10, बबलू पंत की 20 बीघा धान की फसल चौपट होने से उनके समक्ष खाद्यान्न का संकट पैदा हो गया है। ऐसे करीब 50 परिवार हैं जो फसल तबाह होने से खाद्यान्न संकट की चपेट में आए हैं।
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कराया जाएगा निरीक्षण : एसडीएम
धान की फसल सूखने का मामला उनके संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसा हुआ है तो नलकूप और कृषि विभाग से स्थलीय निरीक्षण कराकर रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजी जाएगी। बाढ़ में क्षतिग्रस्त हुई सिंचाई गूल के पुनर्निर्माण में विलंब की भी जांच कराई जाएगी। -नरेश दुर्गापाल, एसडीएम, टनकपुर।
फोटो 16 टीएनपी 06 पी। सिंगल कालम।
प्रभावित किसानों को मिले मुआवजा : प्रधान
थ्वालखेड़ा के प्रधान सतीश पांडेय का कहना है कि 2013 की बाढ़ में क्षतिग्रस्त हुई खेतखेड़ा गांव की सिंचाई गूल के पुनर्निर्माण के लिए डीएम को ज्ञापन भेजकर गुहार लगाई गई, लेकिन उस पर प्रशासन ने कोई अमल नहीं किया है। नतीजतन आज गांव में सूखे के हालात पैदा हो गए हैं और किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। ग्राम प्रधान ने खेतखेड़ा गांव को सूखाग्रस्त घोषित कर प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने के साथ ही लापरवाही पर नलकूप विभाग के खिलाफ कार्रवाई करने की भी वकालत की है।