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पशुओं की जान के लिए भी खतरा बन रहा खुले में कूड़े का निस्तारण
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टनकपुर में कूड़ा निस्तारण स्थल में भोजन की तलाश में विचरण करते पशु।
- फोटो : TANAKPUR
टनकपुर (चंपावत)। ट्रंचिंग ग्राउंड के अभाव में शहर का कूड़ा खुले में फेंककर निस्तारण करना नगर पालिका की मजबूरी बनी हुई है। खुले में कूड़ा निस्तारण से लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। वहीं कूड़े के ढेर में भोजन तलाशते पशुओं की जान के लिए भी कूड़ा खतरा बन रहा है। पॉलीथीन में लपेटकर फेंकी गई खाद्य सामग्री खाने से कई पशुओं की मौत भी हो चुकी है।
शहर में रोजाना पैदा हो रहे करीब 1.452 मीट्रिक टन कूड़े का व्यवस्थित निस्तारण करना नगर पालिका के लिए चुनौती है। ऐसे में शहर के नजदीक स्टोन क्रशर मार्ग किनारे खुले में कूड़ा निस्तारण करना पालिका की मजबूरी है। खुले में कूड़ा निस्तारण से लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ रहा है। भोजन तलाशते पशुओं की जान के लिए भी खतरा बन रहा है।
पॉलिथीन में लिपटी खाद्य सामग्री खाने के फेर में पशु पॉलिथीन को भी निवाला बना लेते हैं जो उनकी जान के लिए खतरा बन जाता है। बता दें कि पॉलिथीन खाने से अब तक क्षेत्र में कई पशुओं की मौत हो चुकी है। पिछले छह साल से यहां तैनात पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. डीके शर्मा के मुताबिक पॉलिथीन खाने की वजह से एक साल में करीब पांच से छह पशुओं की मौत हो रही है।
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चाहे इंदौर जैसा देश का सबसे स्वच्छ नगर हो या फिर पुराने लखनऊ की मलिन बस्तियां। हर जगह ट्रंचिंग ग्राउंड का अपना महत्व है और फिर उत्तराखंड की देवभूमि में हर नगर में ट्रंचिंग ग्राउंड जरूर होना चाहिए। यह आज की आवश्यकता भी बन गई है। हर्षवर्धन सिंह रावत, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष टनकपुर।
ट्रंचिंग ग्राउंड बनाया जाना बेहद जरूरी हो गया है। कूड़े का खुले में निस्तारण बड़ी समस्या हो गई है। नगर पालिका बोर्ड जल्द ट्रंचिंग ग्राउंड बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। तुलसी कुंवर, सभासद नगर पालिका।
स्वच्छ भारत अभियान के तहत प्रस्तावित योजनाओं से कूड़ा निस्तारण की समस्या दूर होगी। इसके लिए इन योजनाओं पर जल्द अमल किया जाना चाहिए। वैभव अग्रवाल, महामंत्री व्यापार मंडल टनकपुर।
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शहर में रोजाना पैदा हो रहे करीब 1.452 मीट्रिक टन कूड़े का व्यवस्थित निस्तारण करना नगर पालिका के लिए चुनौती है। ऐसे में शहर के नजदीक स्टोन क्रशर मार्ग किनारे खुले में कूड़ा निस्तारण करना पालिका की मजबूरी है। खुले में कूड़ा निस्तारण से लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ रहा है। भोजन तलाशते पशुओं की जान के लिए भी खतरा बन रहा है।
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पॉलिथीन में लिपटी खाद्य सामग्री खाने के फेर में पशु पॉलिथीन को भी निवाला बना लेते हैं जो उनकी जान के लिए खतरा बन जाता है। बता दें कि पॉलिथीन खाने से अब तक क्षेत्र में कई पशुओं की मौत हो चुकी है। पिछले छह साल से यहां तैनात पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. डीके शर्मा के मुताबिक पॉलिथीन खाने की वजह से एक साल में करीब पांच से छह पशुओं की मौत हो रही है।
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चाहे इंदौर जैसा देश का सबसे स्वच्छ नगर हो या फिर पुराने लखनऊ की मलिन बस्तियां। हर जगह ट्रंचिंग ग्राउंड का अपना महत्व है और फिर उत्तराखंड की देवभूमि में हर नगर में ट्रंचिंग ग्राउंड जरूर होना चाहिए। यह आज की आवश्यकता भी बन गई है। हर्षवर्धन सिंह रावत, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष टनकपुर।
ट्रंचिंग ग्राउंड बनाया जाना बेहद जरूरी हो गया है। कूड़े का खुले में निस्तारण बड़ी समस्या हो गई है। नगर पालिका बोर्ड जल्द ट्रंचिंग ग्राउंड बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। तुलसी कुंवर, सभासद नगर पालिका।
स्वच्छ भारत अभियान के तहत प्रस्तावित योजनाओं से कूड़ा निस्तारण की समस्या दूर होगी। इसके लिए इन योजनाओं पर जल्द अमल किया जाना चाहिए। वैभव अग्रवाल, महामंत्री व्यापार मंडल टनकपुर।