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चार लाख रुपये की नकली करेंसी के साथ तीन गिरफ्तार
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टनकपुर में नकली करेंसी के आरोप में दबोचे गए तीन आरोपी।
- फोटो : CHAMPAWAT
चंपावत। पुलिस की एसओजी टीम और टनकपुर पुलिस ने बृहस्पतिवार को चार लाख रुपये की नकली करेंसी के साथ तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से स्कैनर, लैपटॉप और अन्य उपकरण के अलावा बाइक भी बरामद की है। नकली नोट ऊधमसिंह नगर जिले के नानकमत्ता के एक जन सुविधा केंद्र (सीएससी) में छापे जा रहे थे। पूछताछ में आरोपियों ने सितारगंज, काशीपुर, बाजपुर और देहात क्षेत्र में नकली नोट खपाने की बात स्वीकार की है। आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह ने बताया कि एसओजी और टनकपुर पुलिस की ओर से चलाए गए चेकिंग अभियान में टनकपुर के मनिहारगोठ तिराहे पर एक बाइक (यूके03बी0131) को रोका गया। इस पर सवार बृजकिशोर निवासी बगनैरा, जिला पीलीभीत यूपी के कब्जे से दो लाख 40 हजार रुपये की नकली करेंसी, रियाज निवासी बगनैरा, जिला पीलीभीत यूपी के कब्जे से 60 हजार रुपये की नकली करेंसी बरामद की गई। आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 489 ए, 489 सी और 489 डी में केस दर्ज किया गया है।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे अपने साथी हरदेव सिंह के नानकमत्ता के ग्राम बिडौरा मझोला स्थित जन सुविधा केंद्र (सीएससी) एवं फोटो स्टेट की दुकान पर स्कैन कर नकली नोट तैयार करते हैं और इन्हें सितारगंज, काशीपुर, बाजपुर आदि के देहात क्षेत्र में चलाते हैं। बृजकिशोर और रियाज की निशानदेही पर एसओजी और टनकपुर पुलिस टीम ने ग्राम बिडौरा मझोला में हरदेव की दुकान पर छापा मारकर हरदेव सिंह निवासी ग्राम टुकड़ी थाना नानकमत्ता, जिला ऊधमसिंह नगर को गिरफ्तार कर उसकी दुकान से एक लाख रुपये की नकली करेंसी, अधूरे बने नोट, एक लैपटॉप, एक प्रिंटर, चार्जर, लीड, नोट में प्रयुक्त होने वाले 120 पेज और दो मोबाइल फोन बरामद किए। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ टनकपुर थाने में मुकदमा पंजीकृत कराया है।
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पुलिस टीम में ये लोग रहे शामिल
चंपावत। नकली करेंसी के साथ तीन आरोपियों को पकड़ने वाली पुलिस टीम में टनकपुर के प्रभारी निरीक्षक धीरेंद्र कुमार, उप निरीक्षक योगेश दत्त, एसओजी प्रभारी वीरेंद्र रमौला, कांस्टेबल मतलूब खान, राकेश रौंकली, मनोज बैरी, धर्मवीर सिंह, दीपक प्रसाद, शाकिर अली, सद्दाम हुसैन, भुवन पांडेय आदि शामिल रहे।
अभियुक्तों से बरामद हुई नकली करेंसी का विवरण
चंपावत। नकली करेंसी के मामले में पकड़े गए आरोपी बृजकिशोर के पास दो सौ रुपये की 11 गड्डी, सौ रुपये की दो गड्डी, आरोपी रियाज के पास सौ रुपये की छह गड्डी और हरदेव सिंह के पास दो सौ रुपये की चार, सौ रुपये की एक गड्डी और मिक्स नोट की गड्डी के अलावा पांच सौ रुपये के 40 नोट वन साइड प्रिंट बरामद किए गए।
एक करोड़ से अधिक की करेंसी खपाई!
एक साल से नकली करेंसी बनाने का काम कर रहे थे आरोपी
चंपावत। जिले के टनकपुर में नकली करेंसी के साथ पकड़े गए आरोपी बीते एक साल से नकली करेंसी बनाने और उसे आसपास के इलाकों में खपाने का कार्य कर रहे थे। अनुमान लगाया जा रहा है कि एक साल के दौरान आरोपियों की ओर से एक करोड़ से अधिक के नकली नोट स्थानीय बाजारों में खपा दिए गए होंगे।
नकली नोट प्रिंट करने का कार्य ऊधमसिंह नगर जिले के नानकमत्ता कस्बे में स्थित जन सुविधा केंद्र (सीएससी) में लैपटाप और स्कैनर के जरिए किया जा रहा था। अभियुक्त नकली 200 और 500 रुपये के नोटों को आधे दामों में देते थे, जिस कारण अधिकतर लोग इनके झांसे में आकर नकली नोट बाजार में खपाने में सहयोग देते थे। आरोपियों की ओर से तैयार किए गए 100 और 200 रुपये के नोट हूबहू असली नोटों की तरह लगने से आसानी से बाजार में खपाए जा रहे थे। 500 रुपये के नोट के पेपर की क्वालिटी घटिया होने के कारण शक के दायरे में आ गए थे। पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह के अनुसार मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर बीते कुछ समय से पुलिस की ओर से आरोपियों की गतिविधियों में नजर रखी जा रही थी।
आरोपियों का आपराधिक इतिहास नहीं
चंपावत। नकली करेंसी के साथ पकड़े गए तीनों आरोपियों का अभी तक कोई भी आपराधिक इतिहास नहीं रहा है। पुलिस अधीक्षक के अनुसार स्कैनर के जरिए नोट छापने वाला आरोपी हरदेव सिंह इंटर पास है। हरदेव सिंह के अलावा बृजकिशोर और रियाज का अब तक कोई भी आपराधिक इतिहास नहीं मिला है। अलबत्ता पुलिस मामले की तहकीकात में जुटी हुई है।
पुलिस के रडार में कई और लोग भी शामिल
चंपावत। नकली करेंसी बाजार में खपाने के मामले में टनकपुर-बनबसा क्षेत्र में कई अन्य लोग भी पुलिस की रडार में है। पुलिस अधीक्षक के अनुसार जल्द ही नकली करेंसी चलाने के मामले में लिप्त अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया जाएगा।
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पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह ने बताया कि एसओजी और टनकपुर पुलिस की ओर से चलाए गए चेकिंग अभियान में टनकपुर के मनिहारगोठ तिराहे पर एक बाइक (यूके03बी0131) को रोका गया। इस पर सवार बृजकिशोर निवासी बगनैरा, जिला पीलीभीत यूपी के कब्जे से दो लाख 40 हजार रुपये की नकली करेंसी, रियाज निवासी बगनैरा, जिला पीलीभीत यूपी के कब्जे से 60 हजार रुपये की नकली करेंसी बरामद की गई। आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 489 ए, 489 सी और 489 डी में केस दर्ज किया गया है।
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पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे अपने साथी हरदेव सिंह के नानकमत्ता के ग्राम बिडौरा मझोला स्थित जन सुविधा केंद्र (सीएससी) एवं फोटो स्टेट की दुकान पर स्कैन कर नकली नोट तैयार करते हैं और इन्हें सितारगंज, काशीपुर, बाजपुर आदि के देहात क्षेत्र में चलाते हैं। बृजकिशोर और रियाज की निशानदेही पर एसओजी और टनकपुर पुलिस टीम ने ग्राम बिडौरा मझोला में हरदेव की दुकान पर छापा मारकर हरदेव सिंह निवासी ग्राम टुकड़ी थाना नानकमत्ता, जिला ऊधमसिंह नगर को गिरफ्तार कर उसकी दुकान से एक लाख रुपये की नकली करेंसी, अधूरे बने नोट, एक लैपटॉप, एक प्रिंटर, चार्जर, लीड, नोट में प्रयुक्त होने वाले 120 पेज और दो मोबाइल फोन बरामद किए। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ टनकपुर थाने में मुकदमा पंजीकृत कराया है।
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पुलिस टीम में ये लोग रहे शामिल
चंपावत। नकली करेंसी के साथ तीन आरोपियों को पकड़ने वाली पुलिस टीम में टनकपुर के प्रभारी निरीक्षक धीरेंद्र कुमार, उप निरीक्षक योगेश दत्त, एसओजी प्रभारी वीरेंद्र रमौला, कांस्टेबल मतलूब खान, राकेश रौंकली, मनोज बैरी, धर्मवीर सिंह, दीपक प्रसाद, शाकिर अली, सद्दाम हुसैन, भुवन पांडेय आदि शामिल रहे।
अभियुक्तों से बरामद हुई नकली करेंसी का विवरण
चंपावत। नकली करेंसी के मामले में पकड़े गए आरोपी बृजकिशोर के पास दो सौ रुपये की 11 गड्डी, सौ रुपये की दो गड्डी, आरोपी रियाज के पास सौ रुपये की छह गड्डी और हरदेव सिंह के पास दो सौ रुपये की चार, सौ रुपये की एक गड्डी और मिक्स नोट की गड्डी के अलावा पांच सौ रुपये के 40 नोट वन साइड प्रिंट बरामद किए गए।
एक करोड़ से अधिक की करेंसी खपाई!
एक साल से नकली करेंसी बनाने का काम कर रहे थे आरोपी
चंपावत। जिले के टनकपुर में नकली करेंसी के साथ पकड़े गए आरोपी बीते एक साल से नकली करेंसी बनाने और उसे आसपास के इलाकों में खपाने का कार्य कर रहे थे। अनुमान लगाया जा रहा है कि एक साल के दौरान आरोपियों की ओर से एक करोड़ से अधिक के नकली नोट स्थानीय बाजारों में खपा दिए गए होंगे।
नकली नोट प्रिंट करने का कार्य ऊधमसिंह नगर जिले के नानकमत्ता कस्बे में स्थित जन सुविधा केंद्र (सीएससी) में लैपटाप और स्कैनर के जरिए किया जा रहा था। अभियुक्त नकली 200 और 500 रुपये के नोटों को आधे दामों में देते थे, जिस कारण अधिकतर लोग इनके झांसे में आकर नकली नोट बाजार में खपाने में सहयोग देते थे। आरोपियों की ओर से तैयार किए गए 100 और 200 रुपये के नोट हूबहू असली नोटों की तरह लगने से आसानी से बाजार में खपाए जा रहे थे। 500 रुपये के नोट के पेपर की क्वालिटी घटिया होने के कारण शक के दायरे में आ गए थे। पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह के अनुसार मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर बीते कुछ समय से पुलिस की ओर से आरोपियों की गतिविधियों में नजर रखी जा रही थी।
आरोपियों का आपराधिक इतिहास नहीं
चंपावत। नकली करेंसी के साथ पकड़े गए तीनों आरोपियों का अभी तक कोई भी आपराधिक इतिहास नहीं रहा है। पुलिस अधीक्षक के अनुसार स्कैनर के जरिए नोट छापने वाला आरोपी हरदेव सिंह इंटर पास है। हरदेव सिंह के अलावा बृजकिशोर और रियाज का अब तक कोई भी आपराधिक इतिहास नहीं मिला है। अलबत्ता पुलिस मामले की तहकीकात में जुटी हुई है।
पुलिस के रडार में कई और लोग भी शामिल
चंपावत। नकली करेंसी बाजार में खपाने के मामले में टनकपुर-बनबसा क्षेत्र में कई अन्य लोग भी पुलिस की रडार में है। पुलिस अधीक्षक के अनुसार जल्द ही नकली करेंसी चलाने के मामले में लिप्त अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया जाएगा।