पहली बार वनरावतों के गांव गए कोई सीडीओ
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पोथ ग्राम पंचायत के वन रावत बाहुल्य गांव खिरद्वारी के बच्चे आठवीं से आगे की पढ़ाई नहीं कर पाते हैं। ये नौबत यहां हाईस्कूल से आगे की शिक्षण संस्थान नहीं होने की वजह से है। 11 किलोमीटर पैदल चलकर पहली बार खिरद्वारी गांव पहुंचे मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) श्याम सुंदर पांगती ने यहां बैठक कर समस्याओं की जानकारी ली। यहां बिजली की लाइनें और ट्रांसफार्मर हैं, लेकिन इन तारों में बिजली नहीं हैं। सीडीओ ने कहा कि रमसा के तहत हाईस्कूल के प्रस्ताव और बिजली व्यवस्था सुचारु करने के लिए बिजली विभाग को निर्देशित किया जाएगा।
पेयजल योजना, ग्राम पंचायत द्वारा बनाई रोड आदि ठीक-ठाक मिली। इसके अलावा भी प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूल के मुआयने सहित कई योजनाओं का निरीक्षण किया गया। खिरद्वारी से लोडियालसेरा को जोड़ने वाला रोपवे (रज्जुमार्ग) ठीक हाल में मिला। आंगनबाड़ी केंद्र से धात्री महिलाएं टेक होम राशन की सामग्री लेने नहीं आती है। आंगनबाड़ी कर्मी को इन्हें पहुंचाने के लिए इन महिलाओं तक जाना पड़ रहा है। फुरकियाझाला में कटाव से बचाव को उपाय करने की ग्रामीणों ने मांग की। यहां प्राइमरी भवन जीर्ण-शीर्ण है। ग्राम प्रधान लक्ष्मी देवी की अध्यक्षता में हुई बैठक में मीना देवी, मोहन सिंह, हीरा देवी, रमेश सिंह, बसंती देवी, पार्वती, प्रकाश सिंह, ग्राम विकास अधिकारी तपन गड़कोटी, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी वीरेंद्र कोश्यारी के अलावा तमाम ग्रामीण मौजूद थे।
एक भी वन रावत के पास शौचालय नहीं
स्वच्छ भारत अभियान के तहत एक साल में जिले में पांच हजार से अधिक शौचालय बनाए जा चुके हैं, मगर वन रावतों के गांव खिरद्वारी में एक भी शौचालय अब तक नहीं बन सका है। सीडीओ के दौरे पर ग्राम प्रधान लक्ष्मी देवी और अन्य ग्रामीणों ने इस समस्या को प्रमुखता से उठाया। कहा कि वन रावतों के 40 परिवारों में एक भी शौचालय नहीं है। सभी लोग खुले में शौच जाने को मजबूर हैं। सीडीओ श्याम सुंदर पांगती ने स्वजल से शौचालय निर्माण कराने का भरोसा दिलाया।