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मां पूर्णागिरि धाम में मुख्य मंदिर के पास चट्टान दरकी
अमर उजाला ब्यूरो टनकपुर (चंपावत)।
Updated Wed, 28 Jun 2017 11:22 PM IST
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पूर्णागिरि मंदिर के समीप चट्टान दरकने से रास्ते में आया पत्थर
- फोटो : अमर उजाला
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बारिश ने क्षेत्र में लोगों मुसीबत पैदा करनी शुरू कर दी है। बुधवार की सुबह हुई बारिश से जहां गांवों में जलभराव की समस्या पैदा हो गई, वहीं उफान पर आए किरोड़ा नाले ने पूर्णागिरि मार्ग को करीब दो घंटे बाधित रहा। इससे गैड़ाखाली, थ्वालखेड़ा, चिलियाघोल, उचौलीगोठ गांवों का शहर से सड़क संपर्क कटा रहा। बारिश से मां पूूर्णागिरि धाम में मुख्य मंदिर के पास चट्टान दरकरने से दर्शन कर लौटने वाला मार्ग भी बाधित हो गया है। एसडीएम के निर्देश पर लोनिवि की टीम मार्ग खोलने पूर्णागिरि को रवाना हो गई है। शाम तक मार्ग को नहीं खोला जा सका।
मौसम विभाग की चेतावनी के अनुरूप हालांकि क्षेत्र में भारी से भारी बारिश तो नहीं हुई, लेकिन मंगलवार, बुधवार की सुबह हुई मूसलाधार बारिश से लोगों को मुसीबतें झेलनी पड़ी। बुधवार की सुबह बारिश से पूर्णागिरि मार्ग में उफान पर आए किरोड़ा नाले से करीब दो घंटे यातायात बाधित रहा। किरोड़ा रोखड़ से उत्तरी छोर के गांवों का सड़क संपर्क करीब दो घंटे तक कटा रहा। मार्ग के दोनों तरफ यात्री फंसे रहे। बारिश से गांवों में लोगों को जलभराव की समस्या से भी जूझना पड़ा। बुधवार की सुबह मां पूर्णागिरि धाम में मुख्य मंदिर में पास शांति स्थल में चट्टान दरकने से भारी भरकम पत्थर मार्ग में आकर गिरा है। गनीमत रही कि बरसात के कारण श्रद्धालुओं की आवाजाही कम हो गई है, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। मुख्य मंदिर को जाते मार्ग की सीढ़ियों में भी मलबा आने से यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। एसडीएम अनिल चन्याल ने बताया कि लोनिवि को जल्द ही मलबा हटाकर मार्ग खोलने के निर्देश दिए गए हैं। लोनिवि के एई एपीएस बिष्ट ने बताया कि मार्ग खोलने के लिए विभाग की टीम पूर्णागिरि भेजी गई है।
जलभराव में बच्चों ने लिया जल क्रीड़ा का आनंद
टनकपुर। बुधवार को हुई इस सीजन की पहली बारिश से न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत के पास खाली पड़े मैदान में हुए जलभराव में बच्चों ने जलक्रीड़ा का खूब आनंद उठाया। निकासी के पुख्ता इंतजाम न होने से बारिश से न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय के प्रस्तावित आवासीय प्रांगण में भारी जलभराव हुआ, जिसमें बच्चों ने खूब मस्ती की।
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पिछले दो दिनों में क्षेत्र में 78 एमएम बारिश रिकार्ड
बनबसा (चंपावत)। पिछले दो दिनों में क्षेत्र में करीब 78 एमएम बारिश रिकार्ड की गई है। बुधवार को 26 मिमी तो मंगलवार को 52 एमएम बारिश हुई। शारदा बैराज अटेंडेंट जगदीश श्रीवास्तव ने बताया कि इस वर्ष अभी तक क्षेत्र में 194 एमएम बारिश रिकार्ड की गई है। पहाड़ों में हुई बारिश के बाद शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। बुधवार को शारदा नदी का जलस्तर 33530 क्यूसेक पहुंच गया, जो इस वर्ष अब तक का सर्वाधिक जलस्तर है। बता दें कि एक पखवाड़े पूर्व नदी का जलस्तर दस हजार क्यूसेक के आस पास था। शारदा हेड वर्क्स के प्रभारी एसडीओ एनसी पंत ने बताया कि नदी का जलस्तर एक लाख क्यूसेक पहुंचते ही बैराज से होने वाला आवागमन वाहनों के लिए बंद कर दिया जाता है।
क्षेत्र में करीब आठ घंटे बिजली गुल रही
बनबसा (चंपावत)। बारिश के कारण बिजली के तारों पर पेड़ गिरने और इंसुलेटर पंक्चर होने से क्षेत्र में करीब आठ घंटे बिजली गुल रही। ऊर्जा निगम के जेई प्रमेंद्र सिंह के मुताबिक तड़के करीब 2:40 बजे अचानक क्षेत्र में अंधकार छा गया। बताया कि सेना छावनी के पास कमलपथ और सागौन के जंगल में विद्युत तारों पर पेड़ गिरने से बिजली के तार क्षतिग्रस्त हो गए थे। उन्होंने बताया कि लोहियाहेड पावर स्टेशन के पास एक इंसुलेटर भी पंक्चर हो गया था जिससे क्षेत्र में करीब पौने आठ घंटे को बिजली आपूर्ति चरमरा गई। फाल्ट खोज लाइनों को दुरुस्त करने के बाद करीब 10:15 बजे सुबह बिजली आपूर्ति सुचारु हो पाई। बिजली न होने से सुबह के समय लोगों को पेयजल समस्या से जूझना पड़ा।
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