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भारी मलबे से दिनभर बंद रूकी राष्ट्रीय राजमार्ग की राह
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एनएच पर गिरा मलबा।
- फोटो : CHAMPAWAT
चंपावत। मूसलाधार बारिश से टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग शनिवार को दिन भर बंद रहा। धौन और स्वांला के पास आए मलबे को शाम तीन बजे साफ कर टनकपुर-लोहाघाट के बीच आवाजाही सुचारु कर दी गई, लेकिन भारतोली में आए मलबे और सड़क धंसने से बाराकोट से आगे की आवाजाही बाधित रही। कई घंटे तक यात्री राजमार्ग पर फंसे रहे। दलदल और बीच-बीच में पहाड़ी से पत्थर गिरने से आवाजाही बेहद जोखिम भरी बनी हुई है। इधर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों की 37 सड़कें बंद हैं। इस कारण 103 गांवों की आवाजाही पर असर पड़ा है। अलबत्ता अभी खाद्य सामग्री की किल्लत नहीं है।
भारी बारिश से आए मलबे ने आवाजाही को पूरी तरह ठप कर दिया। आपदा प्रबंधन विभाग और एनएच खंड ने 12 जेसीबी और पोकलैंड के जरिये स्वांला और धौन में आए मलबे को हटाया। लेकिन तमाम मशक्कतों के बावजूद बाराकोट से आगे भारतोली पर आए मलबे को नहीं हटाया जा सका। एनएच खंड के ईई एलडी मथेला ने बताया कि लगातार बारिश और पत्थर गिरने से काम में भी बार-बार अवरोध आ रहा है। राजमार्ग पर भारतोली के आगे आवाजाही सुचारु नहीं होने से दर्जनों वाहन और यात्री फंसे हुए हैं।
चंपावत जिले की बंद 37 ग्रामीण सड़कें
धौन-सल्ली, अमोड़ी-छतकोट, धौन-दियूरी-बजौन, एसएच 29 से खटोली मल्ली, बनौली-डुंगरालेटी, दुधपोखरा-कायल-मटियानी, रौंसाल-डुंगराबोरा, स्याला-पोथ, सिप्टी-अमकड़िया, रीठाखाल-मनटांडे, बाराकोट-कोठेरा, बाराकोट-सिमलखेत-पड़ासोंसेरा, थुवामौनी-किडकंडा, असलाड़-पासम, वल्सों-पनियाल, चौमेल-मऊ-सील बरूड़ी, किमतोली-रौसाल-अठलाड़, खिलपति-अखिलतारिणी, एसएच-सिन्याड़ी, लोहाघाट-पंचेश्वर, पुल्ला-चमदेवल, मडलकपांडेय-सेलपेडू,, लोहाघाट-डिग्री कॉलेज, गर्सलेख-डुंगाधार, गल्लागांव-देवलीमाफी, रीठा-रमक, सांगो-पनिया, खाल-कानाकोट, बाराकोट-कोठेरा, चौड़ापिता-परेवा, बाराकोट-मिर्तोली, चपवात-खेतीखान, सूखीढांग-श्यामलाताल, क्वारकोली-पम्दा, बाराकोट-लड़ीधूरा, ढटीगांव-सिमलटुकरा, खेतीखान-गोसनी सड़क।
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चंपावत जिले में बारिश का ब्योरा
चंपावत 58 मिमी
लोहाघाट 30 मिमी
पाटी 50 मिमी
टनकपुर-बनबसा 07 मिमी
चंपावत रेंज कार्यालय की सुरक्षा दीवार हुई क्षतिग्रस्त
चंपावत/लोहाघाट। पहाड़ में बीते दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश से चंपावत, लोहाघाट, पाटी और बाराकोट में जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। बारिश ने क्षेत्र में भारी तबाही मचाई है। बारिश के चलते मकान, सुरक्षा दीवार, खेत आदि ध्वस्त हो गए हैं।
जिला मुख्यालय में वन विभाग के रेंज कार्यालय की सुरक्षा दीवार भरभरा कर गिर गई। रेंजर केआर टम्टा ने बताया कि बारिश से सुरक्षा दीवार को नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा मलबा आने के कारण पूल्ड हाउस को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग भी अवरुद्ध हो गया है। पाटी ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय नौलियागांव के भवन में खिड़की के अंदर मलबा घुस गया। बारिश के कारण के ऊपर से मलबा आने से विद्यालय भवन में दरारें पड़ गई हैैं। स्कूल प्रबंध समिति अध्यक्ष राजू नौलिया ने बताया कि स्कूल की छत पहले से ही काफी जगह से टपकती है, इससे छात्रों को पठन पाठन में बहुत परेशानी होती है। अब तो भवन में काफी बड़ी दरारें पड़ चुकी हैं इससे भविष्य में बच्चों के साथ बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने शीघ्र ही भवन की मरम्मत करने कराने के लिए कहा है। बाराकोट के ढुंगाजोशी में विवेकानंद जोशी का आवासीय मकान क्षतिग्रस्त हो गया है।
लोहाघाट में भारी बारिश के चलते लोहावती नदी उफान पर है। शिवालय मंदिर के पास सिंचाई विभाग के बांध में देवदार आदि के बड़े बड़े पेड़ अटकने के कारण गेट न खुल पाने से उसे खतरा पैदा हो गया है। भारी बारिश से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। भारी बारिश में प्रेमनगर में भैरव दत्त जोशी के मकान के आंगन की दीवार ढहने से भवन को खतरा पैदा हो गया है। पुलहिंडोला में हीरा देवी का मकान ध्वस्त हो गया। लोहाघाट के पंचेश्वर टैक्सी स्टैंड के पास एक फड़ ध्वस्त हो गया। गलचौड़ा के पास सड़क पर पेड़ गिर गया। टैक्सी स्टैंड के पास मुन्नी देवी के मकान के ऊपर चार पेड़ खतरनाक स्थिति में लटके हुए हैं। उन्होंने डीएफओ को पत्र लिखकर मकान की सुरक्षा को देखते हुए पेड़ों के निस्तारण की मांग की। चेयरमैन गोविंद वर्मा ने बताया कि देव सिंह बिष्ट, गोपाल राम, नारायण राम, सुमन पांडेय, कैलाश सिंह देव आदि के मकान की सुरक्षा दीवार ध्वस्त होने से मकान को खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने प्रशासन से पीड़ित परिवारों को सहायता दिलाने की मांग की है।
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भारी बारिश से आए मलबे ने आवाजाही को पूरी तरह ठप कर दिया। आपदा प्रबंधन विभाग और एनएच खंड ने 12 जेसीबी और पोकलैंड के जरिये स्वांला और धौन में आए मलबे को हटाया। लेकिन तमाम मशक्कतों के बावजूद बाराकोट से आगे भारतोली पर आए मलबे को नहीं हटाया जा सका। एनएच खंड के ईई एलडी मथेला ने बताया कि लगातार बारिश और पत्थर गिरने से काम में भी बार-बार अवरोध आ रहा है। राजमार्ग पर भारतोली के आगे आवाजाही सुचारु नहीं होने से दर्जनों वाहन और यात्री फंसे हुए हैं।
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चंपावत जिले की बंद 37 ग्रामीण सड़कें
धौन-सल्ली, अमोड़ी-छतकोट, धौन-दियूरी-बजौन, एसएच 29 से खटोली मल्ली, बनौली-डुंगरालेटी, दुधपोखरा-कायल-मटियानी, रौंसाल-डुंगराबोरा, स्याला-पोथ, सिप्टी-अमकड़िया, रीठाखाल-मनटांडे, बाराकोट-कोठेरा, बाराकोट-सिमलखेत-पड़ासोंसेरा, थुवामौनी-किडकंडा, असलाड़-पासम, वल्सों-पनियाल, चौमेल-मऊ-सील बरूड़ी, किमतोली-रौसाल-अठलाड़, खिलपति-अखिलतारिणी, एसएच-सिन्याड़ी, लोहाघाट-पंचेश्वर, पुल्ला-चमदेवल, मडलकपांडेय-सेलपेडू,, लोहाघाट-डिग्री कॉलेज, गर्सलेख-डुंगाधार, गल्लागांव-देवलीमाफी, रीठा-रमक, सांगो-पनिया, खाल-कानाकोट, बाराकोट-कोठेरा, चौड़ापिता-परेवा, बाराकोट-मिर्तोली, चपवात-खेतीखान, सूखीढांग-श्यामलाताल, क्वारकोली-पम्दा, बाराकोट-लड़ीधूरा, ढटीगांव-सिमलटुकरा, खेतीखान-गोसनी सड़क।
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चंपावत जिले में बारिश का ब्योरा
चंपावत 58 मिमी
लोहाघाट 30 मिमी
पाटी 50 मिमी
टनकपुर-बनबसा 07 मिमी
चंपावत रेंज कार्यालय की सुरक्षा दीवार हुई क्षतिग्रस्त
चंपावत/लोहाघाट। पहाड़ में बीते दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश से चंपावत, लोहाघाट, पाटी और बाराकोट में जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। बारिश ने क्षेत्र में भारी तबाही मचाई है। बारिश के चलते मकान, सुरक्षा दीवार, खेत आदि ध्वस्त हो गए हैं।
जिला मुख्यालय में वन विभाग के रेंज कार्यालय की सुरक्षा दीवार भरभरा कर गिर गई। रेंजर केआर टम्टा ने बताया कि बारिश से सुरक्षा दीवार को नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा मलबा आने के कारण पूल्ड हाउस को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग भी अवरुद्ध हो गया है। पाटी ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय नौलियागांव के भवन में खिड़की के अंदर मलबा घुस गया। बारिश के कारण के ऊपर से मलबा आने से विद्यालय भवन में दरारें पड़ गई हैैं। स्कूल प्रबंध समिति अध्यक्ष राजू नौलिया ने बताया कि स्कूल की छत पहले से ही काफी जगह से टपकती है, इससे छात्रों को पठन पाठन में बहुत परेशानी होती है। अब तो भवन में काफी बड़ी दरारें पड़ चुकी हैं इससे भविष्य में बच्चों के साथ बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने शीघ्र ही भवन की मरम्मत करने कराने के लिए कहा है। बाराकोट के ढुंगाजोशी में विवेकानंद जोशी का आवासीय मकान क्षतिग्रस्त हो गया है।
लोहाघाट में भारी बारिश के चलते लोहावती नदी उफान पर है। शिवालय मंदिर के पास सिंचाई विभाग के बांध में देवदार आदि के बड़े बड़े पेड़ अटकने के कारण गेट न खुल पाने से उसे खतरा पैदा हो गया है। भारी बारिश से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। भारी बारिश में प्रेमनगर में भैरव दत्त जोशी के मकान के आंगन की दीवार ढहने से भवन को खतरा पैदा हो गया है। पुलहिंडोला में हीरा देवी का मकान ध्वस्त हो गया। लोहाघाट के पंचेश्वर टैक्सी स्टैंड के पास एक फड़ ध्वस्त हो गया। गलचौड़ा के पास सड़क पर पेड़ गिर गया। टैक्सी स्टैंड के पास मुन्नी देवी के मकान के ऊपर चार पेड़ खतरनाक स्थिति में लटके हुए हैं। उन्होंने डीएफओ को पत्र लिखकर मकान की सुरक्षा को देखते हुए पेड़ों के निस्तारण की मांग की। चेयरमैन गोविंद वर्मा ने बताया कि देव सिंह बिष्ट, गोपाल राम, नारायण राम, सुमन पांडेय, कैलाश सिंह देव आदि के मकान की सुरक्षा दीवार ध्वस्त होने से मकान को खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने प्रशासन से पीड़ित परिवारों को सहायता दिलाने की मांग की है।

पाटी-देवीधुरा सड़क पर आया मलबा।- फोटो : CHAMPAWAT