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ढाई वर्ष में ही बदल डाली प्राथमिक विद्यालय जौलाड़ी की तस्वीर
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चंपावत जिले के जौलाड़ी विद्यालय में स्मार्ट क्लासेज का हो रहा है संचालन।
- फोटो : CHAMPAWAT
चंपावत। शिक्षा के मंदिर में शिक्षक ही पुजारी बन जाए तो सब कुछ संभव है। कुछ ऐसी ही सफलता की कहानी जिले के पाटी तहसील के प्राथमिक विद्यालय जौलाड़ी की है। प्रभारी प्रधानाचार्या तनुजा वर्मा ने करीब ढाई वर्ष में विद्यालय के स्वरूप को ही बदल कर रख दिया है।
विद्यालय परिवार, ग्रामीणों और विभाग के सहयोग से विद्यालय के शैक्षिक विकास में बहुत कुछ बदलाव हुआ। इसका परिणाम है कि जहां विद्यालय में लगातार छात्र संख्या घट रही थी, वहीं इस वर्ष छात्र संख्या दोगुनी हो चुकी है। पहले इस विद्यालय में सिर्फ 26 छात्र-छात्राएं अध्ययन कर रहे थे, इस बार नए शिक्षा सत्र में 56 छात्र छात्राओं ने दाखिला लिया है। प्रधानाचार्या तनुजा बताती हैं कि शुरू में विद्यालय की हालत काफी खराब थी, भवन की छत टपकती थी तथा फर्श टूटा फूटा था। सबसे पहले इन सब चीजों को ठीक करा कर विद्यालय में रंग रोगन किया गया तथा दीवारों में पोस्टर और फ्लैक्स लगाकर उसे आकर्षक बनाया गया। फिर उसके बाद शिक्षा के लिए स्मार्ट कक्षाओं का सहारा लिया गया। जिसमें प्रोजेक्टर के माध्यम से छात्र-छात्राओं को पढ़ाया गया उसके बाद विद्यालय में तरह-तरह रोचक कार्यक्रम करवाए गए जिसमें राखी बनाना, पोस्टर बनाना, छात्र-छात्राओं के जन्म उत्सव मनाना आदि शामिल है।
विद्यालय को आकर्षक बनाने के लिए किए गए ये कार्य
चंपावत। जौलाड़ी विद्यालय की मरम्मत कराकर उसमें रंगरोगन कराया। आकर्षक कार्टून फ्लैक्स वॉल पेंटिंग गमले फूल आदि लगाए । शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए विद्यालय में प्रोजेक्टर के माध्यम से बड़ी स्क्रीन पर बच्चों को विभिन्न विषय पढ़ाए जाते हैं और लैपटॉप कंप्यूटर के विषय में जानकारी दी जा रही है। संवाद
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अभिभावकों ने किया खुशी का इजहार
चंपावत। जौलाड़ी गांव के बहादुर सिंह मेहता, राजेंद्र सिंह, उत्तम सिंह मेहता, खुशाल सिंह, जगत सिंह मेहता, जीत सिंह ने बताया कि दोनों शिक्षकों ने कड़ी मेहनत कर विद्यालय का कायाकल्प कर लिया है। जिससे हम लोगों ने अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूल से सरकारी स्कूल में दाखिला दिला दिया है।
कोट
जिले में तीन प्राथमिक विद्यालयों का रूपांतरण कार्यक्रम के तहत चयन किया गया था । इन विद्यालयों में शिक्षकों की ओर से बेहतर कार्य किया जा रहा है। जिसमें जौलाड़ी विद्यालय भी शामिल है। शिक्षकों के प्रयास से इन स्कूलों में छात्र संख्या भी बढ़ी है।
सत्यनारायण, जिला शिक्षाधिकारी बेसिक, चंपावत।
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विद्यालय परिवार, ग्रामीणों और विभाग के सहयोग से विद्यालय के शैक्षिक विकास में बहुत कुछ बदलाव हुआ। इसका परिणाम है कि जहां विद्यालय में लगातार छात्र संख्या घट रही थी, वहीं इस वर्ष छात्र संख्या दोगुनी हो चुकी है। पहले इस विद्यालय में सिर्फ 26 छात्र-छात्राएं अध्ययन कर रहे थे, इस बार नए शिक्षा सत्र में 56 छात्र छात्राओं ने दाखिला लिया है। प्रधानाचार्या तनुजा बताती हैं कि शुरू में विद्यालय की हालत काफी खराब थी, भवन की छत टपकती थी तथा फर्श टूटा फूटा था। सबसे पहले इन सब चीजों को ठीक करा कर विद्यालय में रंग रोगन किया गया तथा दीवारों में पोस्टर और फ्लैक्स लगाकर उसे आकर्षक बनाया गया। फिर उसके बाद शिक्षा के लिए स्मार्ट कक्षाओं का सहारा लिया गया। जिसमें प्रोजेक्टर के माध्यम से छात्र-छात्राओं को पढ़ाया गया उसके बाद विद्यालय में तरह-तरह रोचक कार्यक्रम करवाए गए जिसमें राखी बनाना, पोस्टर बनाना, छात्र-छात्राओं के जन्म उत्सव मनाना आदि शामिल है।
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विद्यालय को आकर्षक बनाने के लिए किए गए ये कार्य
चंपावत। जौलाड़ी विद्यालय की मरम्मत कराकर उसमें रंगरोगन कराया। आकर्षक कार्टून फ्लैक्स वॉल पेंटिंग गमले फूल आदि लगाए । शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए विद्यालय में प्रोजेक्टर के माध्यम से बड़ी स्क्रीन पर बच्चों को विभिन्न विषय पढ़ाए जाते हैं और लैपटॉप कंप्यूटर के विषय में जानकारी दी जा रही है। संवाद
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अभिभावकों ने किया खुशी का इजहार
चंपावत। जौलाड़ी गांव के बहादुर सिंह मेहता, राजेंद्र सिंह, उत्तम सिंह मेहता, खुशाल सिंह, जगत सिंह मेहता, जीत सिंह ने बताया कि दोनों शिक्षकों ने कड़ी मेहनत कर विद्यालय का कायाकल्प कर लिया है। जिससे हम लोगों ने अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूल से सरकारी स्कूल में दाखिला दिला दिया है।
कोट
जिले में तीन प्राथमिक विद्यालयों का रूपांतरण कार्यक्रम के तहत चयन किया गया था । इन विद्यालयों में शिक्षकों की ओर से बेहतर कार्य किया जा रहा है। जिसमें जौलाड़ी विद्यालय भी शामिल है। शिक्षकों के प्रयास से इन स्कूलों में छात्र संख्या भी बढ़ी है।
सत्यनारायण, जिला शिक्षाधिकारी बेसिक, चंपावत।