तीन बेरिकेडिंग पार कर होंगे मां के दर्शन
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उत्तर भारत के प्रमुख मां पूर्णागिरि धाम में होली के तुरंत बाद शुरू हो रहे मेले की तैयारियां जोरों पर हैं। इस बार मां के दर्शन के लिए अधिक श्रद्धालुओं के उमड़ने की संभावनाओं के मद्देनजर प्रशासन ने तीन जगह बेरिकेडिंग लगाकर मुख्य मंदिर में व्यवस्था बेहतर बनाने की पहल की है। इसके लिए कालीमंदिर, टुन्यास, शेर का तिराहा में भीड़ को नियंत्रित किया जाएगा। मेला मजिस्ट्रेट एसडीएम नरेश दुर्गापाल ने बताया कि मुख्य मंदिर में कड़ी सुरक्षा के साथ दर्शन की बेहतर व्यवस्था की जा रही है। मार्च पहले सप्ताह में टनकपुर तहसील में तैयारियों को लेकर डीएम की अध्यक्षता में बैठक प्रस्तावित है।
मां पूर्णागिरि धाम में मेले के संचालन के लिए जिला पंचायत एवं प्रशासन के साथ मेला समिति की ओर से व्यवस्थाएं की जाती हैं। इस बार बीते दिनों जिले में आहूत बैठक में सरकारी मेला अवधि 25 मार्च से 15 जून निर्धारित की गई। मेला जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इसमें पार्किंग, मुंडन समेत विभिन्न कार्यों के लिए टेंडर की प्रक्रिया चल रही हैं।
इधर, मेला मजिस्ट्रेट एसडीएम दुर्गापाल ने बताया कि मुख्य मंदिर में दर्शन के लिए एक समय में अधिक श्रद्धालुओं के आने की दशा में बेहतर व्यवस्था के लिए पिछले वर्ष तक एक बैरियर लगता था। इस बार काली मंदिर, टुन्यास एवं शेर का तिराहे पर बैरियर लगाने की तैयारी है। सुरक्षा के लिए मुख्य मंदिर से लेकर ठूलीगाड़ तक सीसी टीवी से नजर रखी जाएगी। पिछले वर्षों की भांति ही पार्किंग के लिए ठूलीगाड़, भैरव मंदिर के पास, उचौलीगोठ में पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी। बिजली, पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था की जा रही है। लोनिवि को 15 मार्च तक सड़क को गड्ढा मुक्त करने के निर्देश दिए हैं। सफाई समेत अन्य व्यवस्था के लिए भी आवश्यक तैयारी की जा रही है। मार्च प्रथम सप्ताह में टनकपुर में बैठक आहूत की गई है। उधर, मेले को लेकर अभी से पड़ाव क्षेत्रों में चहल-पहल शुरू हो गई है।
सात मार्च तक पैदल मार्ग भी होगा दुरुस्त
ठूलीगाड़ से भैरव मंदिर तक बदहाल पुराने पैदल मार्ग की मरम्मत के लिए प्रशासन ने जिला पंचायत को सात मार्च तक का समय दिया है। इसमें भैरव मंदिर से मुख्य मंदिर तक पैदल मार्ग का कुछ हिस्सा भी क्षतिग्रस्त है। मेला मजिस्ट्रेट ने बताया कि अब भी कई श्रद्धालु पारंपरिक ठूलीगाड़ से ही भैरव मंदिर तक पैदल मार्ग से आते-जाते हैं, इसे ध्यान में रखते हुए उक्त पैदल मार्ग को भी ठीक कराया जा रहा है।