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Champawat News: पीपली के लोगों की ऐलोपैथिक हॉस्पिटल खोलने की मांग
Sun, 01 Jun 2025 10:33 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Sun, 01 Jun 2025 10:33 PM IST
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पिथौरागढ़। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित पीपली में एलोपैथिक अस्पताल नहीं है। यहां के लोगों को इलाज के लिए 45 किमी दूर जिला अस्पताल जाना पड़ता है। कई बार अस्पताल खोलने की मांग करने के बावजूद कोई कार्यवाही नहीं हो रही है।
पीपली, बचकोट और डौड़ा क्षेत्र नेपाल सीमा से सटा हुआ है। पीपली में स्वास्थ्य सुविधा के नाम पर सिर्फ आयुर्वेदिक अस्पताल है। उसमें भी डॉक्टर का पद तीन साल से रिक्त चल रहा है। सिर्फ फार्मासिस्ट और वार्ड ब्वाय अस्पताल का संचालन कर रहे हैं। गर्मघाटी क्षेत्र होने के कारण लोगों को
गर्मियों में संक्रामक बीमारियां होने का खतरा रहता है।
वर्षाकाल में हर साल सर्पदंश की घटनाएं होती हैं लेकिन एलोपैथिक अस्पताल नहीं होने के कारण लोगों को आपात स्थिति में 20 किमी दूर कनालीछीना या फिर 45 किमी दूर जिला अस्पताल जाना पड़ता है। घायलों, मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पाता है। क्षेत्र के लोग लंबे समय से एलोपैथिक अस्पताल खोलने की मांग कर रहे हैं लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हो रही है।
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पूर्व जिला पंचायत सदस्य दीपिका भट्ट और सामाजिक कार्यकर्ता भूपाल दत्त भट्ट की ओर से मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर क्षेत्र में अस्पताल खोलने और आयुर्वेदिक अस्पताल में शीघ्र चिकित्सक की तैनाती की मांग की है।
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पीपली, बचकोट और डौड़ा क्षेत्र नेपाल सीमा से सटा हुआ है। पीपली में स्वास्थ्य सुविधा के नाम पर सिर्फ आयुर्वेदिक अस्पताल है। उसमें भी डॉक्टर का पद तीन साल से रिक्त चल रहा है। सिर्फ फार्मासिस्ट और वार्ड ब्वाय अस्पताल का संचालन कर रहे हैं। गर्मघाटी क्षेत्र होने के कारण लोगों को
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गर्मियों में संक्रामक बीमारियां होने का खतरा रहता है।
वर्षाकाल में हर साल सर्पदंश की घटनाएं होती हैं लेकिन एलोपैथिक अस्पताल नहीं होने के कारण लोगों को आपात स्थिति में 20 किमी दूर कनालीछीना या फिर 45 किमी दूर जिला अस्पताल जाना पड़ता है। घायलों, मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पाता है। क्षेत्र के लोग लंबे समय से एलोपैथिक अस्पताल खोलने की मांग कर रहे हैं लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हो रही है।
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पूर्व जिला पंचायत सदस्य दीपिका भट्ट और सामाजिक कार्यकर्ता भूपाल दत्त भट्ट की ओर से मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर क्षेत्र में अस्पताल खोलने और आयुर्वेदिक अस्पताल में शीघ्र चिकित्सक की तैनाती की मांग की है।