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मरीज को डोली के सहारे 15 किमी पैदल पहुंचाया

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Wed, 21 Jul 2021 12:12 AM IST
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The patient was transported 15 km on foot with the help of a doli
गोलडांडा से 15 किमी दूर रीठा साहिब तक डोली में चोटिल को ले जाते ग्रामीण। फोटो: विज्ञप्ति - फोटो : CHAMPAWAT
चंपावत। जिले के कई ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी सड़क सुविधा की कमी के कारण ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आपात स्थिति में बीमारों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्रामीणों को आज भी डोली का सहारा लेना पड़ता है। जिले के पाटी विकासखंड के गोलडांडा में मंगलवार को एक हादसे में घायल हुए युवक को ग्रामीणों ने डोली के सहारे 15 किमी पैदल चल कर वाहन के जरिये अस्पताल पहुंचाया।
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गोलडांडा निवासी कमल चौधरी (29) पुत्र मोहन सिंह चौधरी को मंदिर की दीवार में पैर फिसलने से कमर में चोट लग गई थी, जिस कारण वह चल भी नहीं पा रहे थे। ग्रामीणों ने मिलकर 15 किमी दूर डोली के सहारे रीठासहिब तक पहुंचाया। जहां से वह निजी संसाधन से हल्द्वानी सुशीला तिवारी पहुंचे जहां उनका इलाज चल रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता गोविंद नौलिया ने बताया कि यहां मोटर मार्ग नहीं होने से दिन प्रतिदिन मरीजों व गर्भवती महिलाओं को ऐसी समस्या से गुजरना पड़ता है, किसी की तो रास्ते में ही मौत हो जाती है। विधायक सांसद सिर्फ वोट मांगने के लिए आते हैं, उसके बाद पांच साल तक सूरत नहीं दिखाते हैं । डोली के सहारे मरीज को लाने वालों में मनोज चौधरी, चंदन बिष्ट, राकेश चौधरी, केशर सिंह, कमल सिंह, दीपक फर्त्याल, भीम सिंह, मदन सिंह, दीपक नौटियाल, धीरज जोशी आदि शामिल रहे।
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