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सब्जी उत्पादन को दी नई पहचान
सतीश जोशी ‘सत्तू’/अमर उजाला, चंपावत
Updated Mon, 21 Sep 2015 10:41 PM IST
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86 वर्ष की उम्र में किसी बुजुर्ग में बागवानी के प्रति युवाओं जैसा जोश देखना हो तो मुख्यालय के पूल्ड हाउस से लगे पुनेठी ग्राम पंचायत के हंसनगर (तिलौन) चले आइए। यहां के मोतीराम पांडेय ने अपनी मेहनत के बूते सब्जी उत्पादन को आजीविका का जरिया बनाया। वह आसपास के गांवों में अन्य किसानों के लिए भी एक आदर्श बने हैं।
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वर्ष 1929 में जन्मे मोतीराम पांडेय ने कहा कि उन्होंने 15-16 वर्ष की आयु से ही सब्जी उत्पादन का कार्य शुरू कर दिया था। अंग्रेजी हुकूमत के दौर से ही सब्जी उत्पादन का कार्य करने वाले इस किसान ने परंपरागत खेती-किसानी के स्थान पर सब्जी उत्पादन को विशेष पहचान दिलाई है। 86 वर्ष की आयु में भी मोतीराम में युवा उम्र की तरह जोश दिखता है। वह कहते हैं कि यदि खेतों में मेहनत की जाए तो उसका फल सुखद ही होता है। वह वर्तमान में करीब 25 एकड़ क्षेत्रफल में सब्जियों का सफलतापूर्वक उत्पादन कर रहे हैं।
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कहते हैं कि ब्रिटिश हुकूमत के दौर में वर्ष 1944-45 में एक अंग्रेज अधिकारी जिसका उन्हें नाम याद नहीं है, ने उनके खेतों में पहुंच कर उनकी मेहनत की सराहना की थी, तब से उन्होंने इस काम को लगन से किया। उन्हें सब्जी उत्पादन को आजीविका बनाने की प्रेरणा अपने पिता से मिली, जिन्होंने अकाल के दौरान भी अपने आपको खेती-किसानी से जोड़े रखा।
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सब्जी और फल उत्पादन से चलती है आजीविका
मोतीराम पांडेय के परिवार में सभी सदस्य बागवानी के कार्य में सहयोग देते हैं। पांडेय कहते हैं कि उनके परिवार की आजीविका सब्जी और फलोत्पादन से ही चलती है। सरकारी सिंचाई की कोई सुविधा नहीं होने के बाद भी वह सरबोझ के जरिए पानी लाकर पौधों की सिंचाई करते हैं। वह हायब्रिड (उन्नत) बीजों के स्थान पर स्वयं तैयार किए गए बीजों से ही सब्जी उत्पादन करते हैं। उनका कहना है कि वर्तमान में जंगली जानवरों के आतंक से खेतीबाड़ी चौपट होती जा रही है। यदि वन विभाग की ओर से गांवों में सुरक्षा दीवारों का निर्माण किया जाए तो किसानों को और अधिक लाभ हो सकता है।
बगीचे में उगी हैं कई तरह की सब्जियां
इन दिनों मोतीराम पांडेय के बगीचे में कई तरह की सब्जियां उगी हैं, जिनमें शिमला मिर्च, बैगन, टमाटर, तोरई, लौकी, ककड़ी, हरी मिर्च, पत्ता गोभी, फ्रासबीन, राई, पालक, मैथी, हरा धनिया, करेला, भिंडी, चमसूर आदि शामिल हैं।