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पर्यटकों को लुभा रहा है सप्तेश्वर मंदिर का प्राकृतिक झरना
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चंपावत के सप्तेश्वर मंदिर के समीप पर्यटकों को लुभा रहा है प्राकृतिक झरना।
- फोटो : CHAMPAWAT
चंपावत। जिला मुख्यालय से करीब 17 किमी की दूरी पर स्थित सप्तेश्वर मंदिर के समीप प्राकृतिक झरना यहां आने वाले पर्यटकों को खासा लुभाने लगा है। अब तक अनछुए पर्यटन स्थल में रहे सप्तेश्वर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। करीब पचास मीटर से अधिक की ऊंचाई से गिरने वाले झरने और उससे बने तालाब में यहां पहुंचने वाले पर्यटक गर्मी के मौसम में जल क्रीड़ा का आनंद उठा रहे हैं।
आसपास के गांवों के लोगों के साथ ही यहां पहुंचने वाले पर्यटकों की ओर से इस स्थल में पर्यटकों के लिए बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने की मांग उठाई जा रही है। उनका कहना है कि जिला मुख्यालय और आसपास के इलाकों में सप्तेश्वर की तरह कोई भी प्राकृतिक झरना नहीं है। यदि जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग की ओर से प्रसिद्ध पर्यटक स्थल मंसूरी के कैंपटी फाल की तर्ज विकसित करे तो यहां पर्यटकों की आमद बढ़ने के साथ ही रोजगार के साधनों में बढ़ोतरी हो सकेगी।
वन विभाग के संरक्षण में किया जाए सौंदर्यीकरण
चंपावत। स्थानीय लोगों का कहना है कि सप्तेश्वर में प्राकृतिक झरने के सौंदर्यीकरण का कार्य वन विभाग के संरक्षण में किया जाए। ताकि स्थल की प्राकृतिक खूबसूरती यथावत बनी रहे। स्थानीय निवासी डॉ.वीके जोशी, दीपक खर्कवाल, नीरज जोशी आदि का कहना है कि झरने तक पहुंचने के लिए आधा किमी लंबाई की सड़क बनाया जाना बेहद जरूरी है। (संवाद)
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कोट
जिले के सप्तेश्वर में प्राकृतिक झरने के बारे में अभी जानकारी संज्ञान में आई है। पर्यटन विभाग के अधिकारियों को इस स्थल का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि आवश्यकता पड़ी तो यहां जिला योजना या अन्य योजनाओं से पर्यटन सुविधाओं को विस्तार दिया जाएगा।
टीएस मर्तोलिया, एडीएम, चंपावत।
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आसपास के गांवों के लोगों के साथ ही यहां पहुंचने वाले पर्यटकों की ओर से इस स्थल में पर्यटकों के लिए बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने की मांग उठाई जा रही है। उनका कहना है कि जिला मुख्यालय और आसपास के इलाकों में सप्तेश्वर की तरह कोई भी प्राकृतिक झरना नहीं है। यदि जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग की ओर से प्रसिद्ध पर्यटक स्थल मंसूरी के कैंपटी फाल की तर्ज विकसित करे तो यहां पर्यटकों की आमद बढ़ने के साथ ही रोजगार के साधनों में बढ़ोतरी हो सकेगी।
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वन विभाग के संरक्षण में किया जाए सौंदर्यीकरण
चंपावत। स्थानीय लोगों का कहना है कि सप्तेश्वर में प्राकृतिक झरने के सौंदर्यीकरण का कार्य वन विभाग के संरक्षण में किया जाए। ताकि स्थल की प्राकृतिक खूबसूरती यथावत बनी रहे। स्थानीय निवासी डॉ.वीके जोशी, दीपक खर्कवाल, नीरज जोशी आदि का कहना है कि झरने तक पहुंचने के लिए आधा किमी लंबाई की सड़क बनाया जाना बेहद जरूरी है। (संवाद)
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जिले के सप्तेश्वर में प्राकृतिक झरने के बारे में अभी जानकारी संज्ञान में आई है। पर्यटन विभाग के अधिकारियों को इस स्थल का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि आवश्यकता पड़ी तो यहां जिला योजना या अन्य योजनाओं से पर्यटन सुविधाओं को विस्तार दिया जाएगा।
टीएस मर्तोलिया, एडीएम, चंपावत।