फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   The mountain forests are saved by faith

Champawat News: आस्था से बच रहे पहाड़ के जंगल

Fri, 02 Jun 2023 11:39 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत Updated Fri, 02 Jun 2023 11:39 PM IST
विज्ञापन
The mountain forests are saved by faith
चंपावत। देवभूमि के विभिन्न धाम पहाड़ के लोगों की आस्था के प्रतीक है। यही आस्था की ताकत अब धीरे-धीरे चंपावत जिले के वन पंचायतों के जंगलों को बचाने में मददगार बन रही है। जिले के जंगलों को सुरक्षित रखने के लिए वन पंचायतें देवी-देवताओं का आसरा ले रही है। पिछले पांच साल में सात वन पंचायतों को देवी को अर्पित कर बचाया गया है। वनों को ईश्वर के हवाले करने से अवैध कटान और अन्य तरह के नुकसान कम होने के साथ ही जंगल भी फले-फूले हैं।
विज्ञापन

चंपावत वन प्रभाग की 568 वन पंचायतों में कुल 36780 हेक्टेयर पंचायती जंगल हैं। खर्ककार्की, सेलाखोला, छतकोट, बाजरीकोट, चौकी, कोट अमोड़ी, तल्लादेश के वनों को देवी देवताओं को समर्पित किया गया है। मां हिंग्लादेवी, इंसाफ के देव गोरलदेव, नागनाथ देव, भगवती देवी को चढ़ाने के बाद ये जंगल फल-फूल रहे हैं। ग्रामीणों ने जंगल से किसी भी प्रकार की वनस्पति का कटान नहीं करने की प्रतिज्ञा ली। सिर्फ पेड़ से गिरने वाली सूखी पत्तियां और लकडिय़ों का ही उपयोग किया जा सकता है।
विज्ञापन

पंचायती वनों को बचाने के लिए मार्च 2014 से देवी-देवताओं को समर्पित करने की परंपरा शुरू हुई है।
कोट
पहाड़ लोग आस्थावान हैं। ऐसे में जंगलों को देवी-देवताओं को चढ़ाने से नुकसान कम होता है। देव स्थल में जंगलों को अर्पित करने के लिए पंचायत प्रेरित करेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

दान सिंह कठायत, अध्यक्ष, सरपंच संगठन, चंपावत।
कोट
जंगलों को देवी-देवताओं को समर्पित करने का काम वन विभाग नहीं करता है। जिन वन पंचायतों ने अपने स्तर से ये पहल की है, उसके अच्छे नतीजे निकले हैं।
आरसी कांडपाल, डीएफओ, चंपावत।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed